{"_id":"6a5cb362c61e30c0c507ed47","slug":"seven-day-yuva-aapda-mitra-training-camp-concludes-at-seema-college-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1035-165157-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण किया प्राप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण किया प्राप्त
विज्ञापन
सीमा महाविद्यालय में सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर संपन्न। स्रोत: कॉलेज प्रबंधन
सीमा महाविद्यालय में सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर रविवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में महाविद्यालय के 41 छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन का सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला के सहयोग से 13 से 19 जुलाई तक आयोजित किया गया था। समापन समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीपी चौहान ने की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए युवाओं का प्रशिक्षित और जागरूक होना समय की आवश्यकता है। डॉ. चौहान ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का उपयोग समाज में आपदा जोखिम कम करने और जन जागरूकता के लिए करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और अग्निकांड जैसी आपदाओं से बचाव सिखाया गया। इसमें बचाव एवं राहत कार्य, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया शामिल थी। रस्सी बचाव तकनीक तथा घायलों के सुरक्षित स्थानांतरण का भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण दल में वाहिनी प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह और अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार शामिल रहे। प्रशिक्षकों में वीरेंद्र प्रकाश, हरीश कुमार और मुनीष कुमार भी मौजूद थे। शिविर में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। अग्निशमन अधिकारी ने आग लगने की स्थिति में बचाव और अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित उपयोग का अभ्यास करवाया। समापन समारोह में प्रशिक्षण दल के सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
प्रतिभागियों को प्रदान किए प्रमाणपत्र
प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 41 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से युवा आपदा मित्र किट भी वितरित की गई। कार्यक्रम में डीन अध्ययन डॉ. रवि किरण शर्मा और डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर रविवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में महाविद्यालय के 41 छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन का सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला के सहयोग से 13 से 19 जुलाई तक आयोजित किया गया था। समापन समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीपी चौहान ने की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए युवाओं का प्रशिक्षित और जागरूक होना समय की आवश्यकता है। डॉ. चौहान ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का उपयोग समाज में आपदा जोखिम कम करने और जन जागरूकता के लिए करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और अग्निकांड जैसी आपदाओं से बचाव सिखाया गया। इसमें बचाव एवं राहत कार्य, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया शामिल थी। रस्सी बचाव तकनीक तथा घायलों के सुरक्षित स्थानांतरण का भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण दल में वाहिनी प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह और अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार शामिल रहे। प्रशिक्षकों में वीरेंद्र प्रकाश, हरीश कुमार और मुनीष कुमार भी मौजूद थे। शिविर में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। अग्निशमन अधिकारी ने आग लगने की स्थिति में बचाव और अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित उपयोग का अभ्यास करवाया। समापन समारोह में प्रशिक्षण दल के सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
प्रतिभागियों को प्रदान किए प्रमाणपत्र
प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 41 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से युवा आपदा मित्र किट भी वितरित की गई। कार्यक्रम में डीन अध्ययन डॉ. रवि किरण शर्मा और डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
विज्ञापन