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Rampur Bushahar News: कल्पा में सस्कर पर्व शुरू, नौ दिनों तक सजेगा
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वन देवताओं की पूजा के साथ हर दिन घरों में बनाए जाते हैं पकवान
चंडिका माता कोठी के आदेशों के बाद मनाया जाता है पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के कल्पा में सस्कर पर्व का शुरू हो गया है। पर्व का शुभारंभ घर में लिपाई-पुताई के साथ हुआ। यह पर्व नौ दिनों चलेगा। इस पर्व के संपन्न होते ही कल्पा गांव का मुख्य त्योहार राउलने धूमधाम से मनाया जाएगा। यह पर्व कोठी चंडिका माता के आदेशों के बाद पर्व मनाया जाता है। पहले दिन घरों की लिपाई-पुताई की जाती है और दूसरे दिन पारंपरिक अनाज फाफरा की रोटी बनाकर पूजा की जाती है। इसके अगले दिन वन देवताओं (सावनी) की लोग अपने-अपने घरों में पारंपरिक वेशभूषा पहन कर पूजा करते हैं और पकवान बनाए जाते हैं। अगले पांच दिन तक इसी प्रकार पूजा की जाती है। नौवें दिन पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पकवान बनाए जाते हैं और सुख-शांति, अच्छी फसल की कामना के साथ वन देवताओं को विदाई दी जाती है। कल्पा निवासी सनम नेगी ने बताया कि हर वर्ष यह नौ दिवसीय पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हर दिन अलग-अलग दिन अलग पकवान बना कर पूजा की जाती है। इस पर्व के समापन के बाद कल्पा गांव का मुख्य त्योहार राउलने शुरू होगा और यह पांच दिनों तक चलता है।
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चंडिका माता कोठी के आदेशों के बाद मनाया जाता है पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के कल्पा में सस्कर पर्व का शुरू हो गया है। पर्व का शुभारंभ घर में लिपाई-पुताई के साथ हुआ। यह पर्व नौ दिनों चलेगा। इस पर्व के संपन्न होते ही कल्पा गांव का मुख्य त्योहार राउलने धूमधाम से मनाया जाएगा। यह पर्व कोठी चंडिका माता के आदेशों के बाद पर्व मनाया जाता है। पहले दिन घरों की लिपाई-पुताई की जाती है और दूसरे दिन पारंपरिक अनाज फाफरा की रोटी बनाकर पूजा की जाती है। इसके अगले दिन वन देवताओं (सावनी) की लोग अपने-अपने घरों में पारंपरिक वेशभूषा पहन कर पूजा करते हैं और पकवान बनाए जाते हैं। अगले पांच दिन तक इसी प्रकार पूजा की जाती है। नौवें दिन पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पकवान बनाए जाते हैं और सुख-शांति, अच्छी फसल की कामना के साथ वन देवताओं को विदाई दी जाती है। कल्पा निवासी सनम नेगी ने बताया कि हर वर्ष यह नौ दिवसीय पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हर दिन अलग-अलग दिन अलग पकवान बना कर पूजा की जाती है। इस पर्व के समापन के बाद कल्पा गांव का मुख्य त्योहार राउलने शुरू होगा और यह पांच दिनों तक चलता है।