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गृह क्षेत्र में बेघर हो रहे लोग, शिक्षा मंत्री मौन : चेतन बरागटा
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भाजपा प्रदेश प्रवकता चेतन बरागटा
कहा, बेघर हो रहे परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के गृह क्षेत्र में लोग अपने ही घरों से बेघर किए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। सर्द मौसम में परिवार सड़कों पर आ रहे हैं। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र से ही नदारद हैं। यह न केवल एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी से पलायन है, बल्कि जनता के साथ धोखा भी है। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कही। बरागटा ने कहा कि जुब्बल के बटाडगलू में गोपाल जेहटा और उनके परिवार को सर्दियों के मौसम में जबरन बेघर करना अत्यंत दुखद है। जुब्बल क्षेत्र में अन्य परिवारों के घरों को भी सील कर ताले लगाए गए हैं, जो संविधान के तहत रोटी, कपड़ा और मकान जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। शिक्षा मंत्री को इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए था, लेकिन जनता के दुख-दर्द को समझने की बजाय वह विधानसभा क्षेत्र से नदारद हैं। क्या यही एक जन प्रतिनिधि का कर्तव्य है। बरागटा ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करें और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के गृह क्षेत्र में लोग अपने ही घरों से बेघर किए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। सर्द मौसम में परिवार सड़कों पर आ रहे हैं। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र से ही नदारद हैं। यह न केवल एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी से पलायन है, बल्कि जनता के साथ धोखा भी है। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कही। बरागटा ने कहा कि जुब्बल के बटाडगलू में गोपाल जेहटा और उनके परिवार को सर्दियों के मौसम में जबरन बेघर करना अत्यंत दुखद है। जुब्बल क्षेत्र में अन्य परिवारों के घरों को भी सील कर ताले लगाए गए हैं, जो संविधान के तहत रोटी, कपड़ा और मकान जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। शिक्षा मंत्री को इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए था, लेकिन जनता के दुख-दर्द को समझने की बजाय वह विधानसभा क्षेत्र से नदारद हैं। क्या यही एक जन प्रतिनिधि का कर्तव्य है। बरागटा ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करें और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।