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रोहड़ू-शिमला मुख्य मार्ग बंद, 50 प्रतिशत रूट प्रभावित
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किन्नौर जिले की भावावैली के काफनू में बर्फ से लकदक हो रहा कामशू नारायण देवता मंदिर
- फोटो : RAMPUR-HP
रोहड़ू। इन दिनों क्षेत्र में हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए तो काफी फायदेमंद है। हालांकि इसके साथ लोगों को कुछ दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को दोपहर बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुरू हुए हिमपात के कारण रोहड़ू-शिमला मुख्य मार्ग पर बस सेवा बंद हो गई है। उपमंडल में ग्रामीण क्षेत्रों के पचास प्रतिशत अन्य रूटों पर वाहनों की आवाजाही बंद पड़ी है। शाम तक खड़ापत्थर से शिमला के लिए छोटे वाहनों की आवाजाही हो रही है। मौसम में बदलाव के बाद क्षेत्र में शीत लहर तेज हो गई है।
दोपहर बाद से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू है। चांशल घाटी पर भारी हिमपात से डोडरा क्वार सड़क दिसंबर महीने से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़ी है। खड़ापत्थर में करीब छह इंच तक हिमपात सड़क पर जमा होने के बाद शिमला मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। सुंगरी में हिमपात के बाद रोहड़ू-रामपुर के बीच भी यातायात बंद हो गया है। चिड़गांव क्षेत्र में करीब कई बसों के रूट आधे तक चलाए गए हैं। रोहडू तहसील के तहत भी करीब साठ प्रतिशत रूटों पर वाहनों की आवाजाही आधे रास्ते तक ही हो रही है।
परिवहन निगम के क्षेत्रिय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि शिमला मार्ग पर बस सेवा देर शाम खड़ापत्थर में हिमपात के कारण बंद कर दी गई। सड़क पर फिसलन से कुछ वाहन फंस रहे हैं।
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अब जमीन में पर्याप्त नमी : बागवानी विशेषज्ञ
वहीं मौसम में बदलाव और तापमान में कमी को सेब और अन्य फसलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ आग्रदास के अनुसार जमीन में पर्याप्त नमी होने के बाद बागवान सेब के बगीचों में रखरखाव का काम समय पर पूरा कर सकते हैं। ठंड के कारण सेब की चिलिंग रिक्वायरमेंट भी पूरी हो जाएगी। बारिश से जमीन को पर्याप्त नमी मिल रही है। इसके बाद बागवान नए बगीचे लगाने की तैयारियां कर सकते हैं।
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दोपहर बाद से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू है। चांशल घाटी पर भारी हिमपात से डोडरा क्वार सड़क दिसंबर महीने से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़ी है। खड़ापत्थर में करीब छह इंच तक हिमपात सड़क पर जमा होने के बाद शिमला मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। सुंगरी में हिमपात के बाद रोहड़ू-रामपुर के बीच भी यातायात बंद हो गया है। चिड़गांव क्षेत्र में करीब कई बसों के रूट आधे तक चलाए गए हैं। रोहडू तहसील के तहत भी करीब साठ प्रतिशत रूटों पर वाहनों की आवाजाही आधे रास्ते तक ही हो रही है।
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परिवहन निगम के क्षेत्रिय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि शिमला मार्ग पर बस सेवा देर शाम खड़ापत्थर में हिमपात के कारण बंद कर दी गई। सड़क पर फिसलन से कुछ वाहन फंस रहे हैं।
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अब जमीन में पर्याप्त नमी : बागवानी विशेषज्ञ
वहीं मौसम में बदलाव और तापमान में कमी को सेब और अन्य फसलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ आग्रदास के अनुसार जमीन में पर्याप्त नमी होने के बाद बागवान सेब के बगीचों में रखरखाव का काम समय पर पूरा कर सकते हैं। ठंड के कारण सेब की चिलिंग रिक्वायरमेंट भी पूरी हो जाएगी। बारिश से जमीन को पर्याप्त नमी मिल रही है। इसके बाद बागवान नए बगीचे लगाने की तैयारियां कर सकते हैं।