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Rampur Bushahar News: विद्युत निर्माण की एक प्रतिशत राशि का सभी को हो बराबर भुगतान
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रामपुर परियोजना प्रभावितों को लंबित प्रदूषण के मुआवजे का जल्द हो भुगतान
परियोजना प्रभावितों के लिए दोहरे मापदंड क्यों : समिति
रामपुर परियोजना प्रभावित जन कल्याण समिति ने जताया रोष
जल्द नहीं सुलझी समस्या तो सड़कों पर उतरकर होगा प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर बनी 412 मेगावाट जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों ने मुआवजे और विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि वितरण के दोहरे मापदंडों को लेकर रोष जताया है। परियोजना प्रभावित जन कल्याण समिति 15/20 ने आरोप लगाया है कि परियोजना की ओर से प्रभावितों को प्रदूषण का मुआवजा और एक प्रतिशत राशि देने में भेदभाव किया जा रहा है। समिति ने चेताया है कि यदि जल्द इस संबंध में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो नौ पंचायतों के प्रभावित सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। जन कल्याण समिति 15/20 की बैठक मंगलवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष चंदे राम ने की। समिति की बैठक में नौ पंचायतों से आए पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान अध्यक्ष चंदे राम ने कहा कि 412 मेगावाट रामपुर परियोजना निर्माण के दौरान क्षेत्र की ब्रौ, पोशना, जगातखाना, बाड़ी, तुनन, खरगा, बक्खन, कुश्वा और सरघा पंचायतों में खासी क्षति हुई है। परियोजना के सुरंग निर्माण से भी ग्रामीणों को नुकसान हुआ है। परियोजना ने प्रभावित पंचायतों को प्रदूषण का मुआवजा तो दिया, लेकिन वर्ष 2010 और 11 का मुआवजा आधी पंचायतों को मिला, जबकि कई पंचायतों में अब तक यह पैसा नहीं बंटा। इस संबंध में समिति ने राज्यपाल, उप मुख्यमंत्री और उपायुक्त कुल्लू से भी मांग उठाई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई। समिति के सदस्यों ने कहा कि परियोजना में हो रहे विद्युत उत्पादन निर्माण से अर्जित लाभ की एक प्रतिशत राशि प्रभावित पंचायतों के लोगों को बांटी जा रही है, लेकिन इस राशि को बांटने में भी बंदरबांट हो रही है। परियोजना से केवल गड़ेज और दत्तनगर पंचायतों के लोगों को 35 हजार रुपये, आईआरडीपी को 52 हजार दिए जा रहे हैं, जबकि शेष नौ प्रभावित पंचायतों में यह राशि सात से दस हजार रुपये तक ही दी जा रही है। उन्होंने रोष जताया है कि इस तरह के दोहरे मापदंड नहीं चलने दिए जाएंगे। साथ ही कहा कि यदि समस्याओं का जल्द सुधार नहीं होता है, तो नौ पंचायतों के प्रभावित सड़कों पर उतरकर परियोजना प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। प्रभावितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति प्रभावितों के हितों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। इस मौके पर समिति के उप प्रधान तुलस राम, सचिव अमर सिंह, सदस्य किरत राम, यज्ञा राम, श्याम दास, मोहन लाल, अश्वनी कुमार, मान दास, बहादुर सिंह, केसरू राम, मान सिंह, परस राम, पूने राम, शिवराम, बैंसी राम, दया राम, रामदास सागर, तोती राम, विजय कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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परियोजना प्रभावितों के लिए दोहरे मापदंड क्यों : समिति
रामपुर परियोजना प्रभावित जन कल्याण समिति ने जताया रोष
जल्द नहीं सुलझी समस्या तो सड़कों पर उतरकर होगा प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर बनी 412 मेगावाट जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों ने मुआवजे और विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि वितरण के दोहरे मापदंडों को लेकर रोष जताया है। परियोजना प्रभावित जन कल्याण समिति 15/20 ने आरोप लगाया है कि परियोजना की ओर से प्रभावितों को प्रदूषण का मुआवजा और एक प्रतिशत राशि देने में भेदभाव किया जा रहा है। समिति ने चेताया है कि यदि जल्द इस संबंध में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो नौ पंचायतों के प्रभावित सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। जन कल्याण समिति 15/20 की बैठक मंगलवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष चंदे राम ने की। समिति की बैठक में नौ पंचायतों से आए पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान अध्यक्ष चंदे राम ने कहा कि 412 मेगावाट रामपुर परियोजना निर्माण के दौरान क्षेत्र की ब्रौ, पोशना, जगातखाना, बाड़ी, तुनन, खरगा, बक्खन, कुश्वा और सरघा पंचायतों में खासी क्षति हुई है। परियोजना के सुरंग निर्माण से भी ग्रामीणों को नुकसान हुआ है। परियोजना ने प्रभावित पंचायतों को प्रदूषण का मुआवजा तो दिया, लेकिन वर्ष 2010 और 11 का मुआवजा आधी पंचायतों को मिला, जबकि कई पंचायतों में अब तक यह पैसा नहीं बंटा। इस संबंध में समिति ने राज्यपाल, उप मुख्यमंत्री और उपायुक्त कुल्लू से भी मांग उठाई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई। समिति के सदस्यों ने कहा कि परियोजना में हो रहे विद्युत उत्पादन निर्माण से अर्जित लाभ की एक प्रतिशत राशि प्रभावित पंचायतों के लोगों को बांटी जा रही है, लेकिन इस राशि को बांटने में भी बंदरबांट हो रही है। परियोजना से केवल गड़ेज और दत्तनगर पंचायतों के लोगों को 35 हजार रुपये, आईआरडीपी को 52 हजार दिए जा रहे हैं, जबकि शेष नौ प्रभावित पंचायतों में यह राशि सात से दस हजार रुपये तक ही दी जा रही है। उन्होंने रोष जताया है कि इस तरह के दोहरे मापदंड नहीं चलने दिए जाएंगे। साथ ही कहा कि यदि समस्याओं का जल्द सुधार नहीं होता है, तो नौ पंचायतों के प्रभावित सड़कों पर उतरकर परियोजना प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। प्रभावितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति प्रभावितों के हितों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। इस मौके पर समिति के उप प्रधान तुलस राम, सचिव अमर सिंह, सदस्य किरत राम, यज्ञा राम, श्याम दास, मोहन लाल, अश्वनी कुमार, मान दास, बहादुर सिंह, केसरू राम, मान सिंह, परस राम, पूने राम, शिवराम, बैंसी राम, दया राम, रामदास सागर, तोती राम, विजय कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।