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Rampur Bushahar News: विश्व व्यापार संगठन सम्मेलन के विरोध में गरजेंगे किसान, बागवान और मजदूर
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रामपुर, बायल, दत्तनगर, निरथ, बिथल और झाकड़ी में आज होंगे प्रदर्शन, किसान आंदोलन में युवा किसान की मौत पर भी जताएंगे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 26 फरवरी को यूएई की राजधानी अबू धाबी में होने वाले विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सम्मेलन के विरोध में रामपुर के किसान और मजदूर संगठन प्रदर्शन करेंगे। इसमें सीटू, किसान सभा, दुग्ध उत्पादक संघ, सेब उत्पादक संघ, निर्माण मजदूर, एसएफआई कार्यकर्ता भाग लेंगे। सोमवार को डब्ल्यूटीओ सम्मेलन के विरोध में रामपुर, बायल, दत्तनगर, निरथ, बिथल और झाकड़ी में किसान आंदोलन में युवा किसान की हरियाणा पुलिस के दमन से हुई मौत पर भी विरोध जताया जाएगा। सीटू क्षेत्रीय समन्वय समिति रामपुर के सह संयोजक अमित ने बताया कि 26 फरवरी को अबू धाबी में डब्ल्यूटीओ का सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। विश्व व्यापार संगठन भारत में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य न देने, धन के रूप में लाभ के सीधे हस्तांतरण करके पीडीएस को वापस लेने के लिए मजबूर करने के लिए जिम्मेवार है। दोनों शर्तें किसानों, गरीबों और भारत की खाद्य सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार और हरियाणा की खट्टर सरकार किसान आंदोलन को अलग थलग करने और विभाजित करने, पंजाब के लोगों के बीच अलगाव पैदा करने और इस विभाजन का चुनावी लाभ उठाने की कोशिश की साजिश रच रही है। प्रदर्शनकारियों का गंभीर दमन किया जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने पंजाब की खनौरी सीमा पर युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत पर देशभर के किसानों और मजदूरों में गहरा रोष है। संयुक्त किसान मंच ने इसकी साजिश रचने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सीधे तौर पर दोषी ठहराया है। संयुक्त किसान मोर्चा इस मामले में अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृहमंत्री अनिल विज से इस्तीफा देने और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज करने और हत्या, क्रूर दमन और ट्रैक्टरों को हुए नुकसान की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का जुमला तेजी से उजागर हो रहा है। किसान, श्रमिक, छोटा व्यापारी, युवा बेरोजगार सहित हर तबका इस शासनकाल में त्रस्त है। जनता में केंद्र की जन विरोधी नीतियों के प्रति आक्रोश है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 26 फरवरी को यूएई की राजधानी अबू धाबी में होने वाले विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सम्मेलन के विरोध में रामपुर के किसान और मजदूर संगठन प्रदर्शन करेंगे। इसमें सीटू, किसान सभा, दुग्ध उत्पादक संघ, सेब उत्पादक संघ, निर्माण मजदूर, एसएफआई कार्यकर्ता भाग लेंगे। सोमवार को डब्ल्यूटीओ सम्मेलन के विरोध में रामपुर, बायल, दत्तनगर, निरथ, बिथल और झाकड़ी में किसान आंदोलन में युवा किसान की हरियाणा पुलिस के दमन से हुई मौत पर भी विरोध जताया जाएगा। सीटू क्षेत्रीय समन्वय समिति रामपुर के सह संयोजक अमित ने बताया कि 26 फरवरी को अबू धाबी में डब्ल्यूटीओ का सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। विश्व व्यापार संगठन भारत में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य न देने, धन के रूप में लाभ के सीधे हस्तांतरण करके पीडीएस को वापस लेने के लिए मजबूर करने के लिए जिम्मेवार है। दोनों शर्तें किसानों, गरीबों और भारत की खाद्य सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार और हरियाणा की खट्टर सरकार किसान आंदोलन को अलग थलग करने और विभाजित करने, पंजाब के लोगों के बीच अलगाव पैदा करने और इस विभाजन का चुनावी लाभ उठाने की कोशिश की साजिश रच रही है। प्रदर्शनकारियों का गंभीर दमन किया जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने पंजाब की खनौरी सीमा पर युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत पर देशभर के किसानों और मजदूरों में गहरा रोष है। संयुक्त किसान मंच ने इसकी साजिश रचने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सीधे तौर पर दोषी ठहराया है। संयुक्त किसान मोर्चा इस मामले में अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृहमंत्री अनिल विज से इस्तीफा देने और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज करने और हत्या, क्रूर दमन और ट्रैक्टरों को हुए नुकसान की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का जुमला तेजी से उजागर हो रहा है। किसान, श्रमिक, छोटा व्यापारी, युवा बेरोजगार सहित हर तबका इस शासनकाल में त्रस्त है। जनता में केंद्र की जन विरोधी नीतियों के प्रति आक्रोश है।