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Rampur Bushahar News: नब्बे प्रतिशत बगीचे पतझड़ रोग की चपेट में, बागवान परेशान
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पत्तझड़ रोग की चपेट में आए सेब के बगीचे
रोहड़ू। क्षेत्र के सेब के बगीचों में पतझड़ रोग का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सेब सीजन के शुरुआती दौर में बीमारी के फैलने से बागवान चिंतित हैं। बागवानों के मुताबिक दवाइयों के कई बार छिड़काव के बाद भी बीमारी पर नियंत्रण नहीं हो रहा। इस वजह से बागवानों को कच्चा सेब तोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा।
इससे बागवानों को मंडियों में भी सेब के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। बारिश के बाद बगीचों में सेब के पत्तों पर पीले और हलके काले धब्बे पड़ना शुरू हो गए। हालत यह है कि सेब बहुल क्षेत्र के नब्बे प्रतिशत बगीचों में संक्रमण होने से पत्ते जमीन पर गिर रहे हैं। पत्ते झड़ने के बाद फल का विकास रुक रहा है। एक महीने से खराब मौसम के होने कारण बगीचों में बागवानों को दवाइयों के छिड़काव का समय भी कम मिल रहा है। इससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
अब संक्रमण बागवानों के नियंत्रण से बाहर हो गया है। सेब सीजन पूरा होने में अभी दो महीने का समय है। बीमारी का संक्रमण नौ हजार फीट की ऊंचाई तक फैल चुका है। इससे लोगों की फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि बारिश के बाद मार्सोनिना और अल्टरनेरिया का संक्रमण पत्तों पर तेजी से फैलता है। खराब मौसम के कारण बागवानों को बगीचों में बीमारी को रोकने के लिए दवाइयों के छिड़काव का समय भी नहीं मिला इसलिए संक्रमण तेजी से फैला है। अब सेब की फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है।
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इससे बागवानों को मंडियों में भी सेब के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। बारिश के बाद बगीचों में सेब के पत्तों पर पीले और हलके काले धब्बे पड़ना शुरू हो गए। हालत यह है कि सेब बहुल क्षेत्र के नब्बे प्रतिशत बगीचों में संक्रमण होने से पत्ते जमीन पर गिर रहे हैं। पत्ते झड़ने के बाद फल का विकास रुक रहा है। एक महीने से खराब मौसम के होने कारण बगीचों में बागवानों को दवाइयों के छिड़काव का समय भी कम मिल रहा है। इससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
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अब संक्रमण बागवानों के नियंत्रण से बाहर हो गया है। सेब सीजन पूरा होने में अभी दो महीने का समय है। बीमारी का संक्रमण नौ हजार फीट की ऊंचाई तक फैल चुका है। इससे लोगों की फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि बारिश के बाद मार्सोनिना और अल्टरनेरिया का संक्रमण पत्तों पर तेजी से फैलता है। खराब मौसम के कारण बागवानों को बगीचों में बीमारी को रोकने के लिए दवाइयों के छिड़काव का समय भी नहीं मिला इसलिए संक्रमण तेजी से फैला है। अब सेब की फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है।
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