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Rampur Bushahar News: रोपा वैली के छह गांव में 10 दिन से अंधेरा, मुश्किल में हजारों लोग
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भारी बर्फबारी के बाद क्षेत्र में संचार सुविधाएं भी ठप, सेब के बगीचों को पहुंचा भारी नुकसान
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह के गृह क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं से महरूम लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण हजारों लोगों की परेशानियां बरकरार हैं। बीते दस दिन से जिले की रोपा वैली अंधेरे में डूबी है। क्षेत्र में बिजली और संचार सुविधा पूरी तरह से ठप पड़ी है। भारी बर्फबारी से सेब बगीचों में पेड़ की टहनियां टूट गई हैं। इससे बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। सुन्नम पंचायत के उपप्रधान जीता सिंह ने बताया कि बर्फबारी के दस दिन के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग विद्युत आपूर्ति और संचार सुविधा बहाल करने में असफल रहे हैं। रोपा वैली में बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की भारी किल्लत है और सरकार नियुक्तियां भी नहीं कर रही है। इस कारण विद्युत आपूर्ति बहाल करना मुश्किल हो रहा है। राजस्व मंत्री और बोर्ड प्रबंधन से बार-बार रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई गई, लेकिन अभी तक कोई नियुक्ति नहीं हुई है। रोपा वैली के छह गांव के हजारों लोग बिना बिजली के परेशानियां झेल रहे हैं, जबकि यह राजस्व मंत्री का पैतृक गांव भी है। इसके बावजूद भी समूची वैली में मात्र दो ही बिजली कर्मचारी हैं। हर विभाग में मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त किए गए हैं, लेकिन बिजली बोर्ड में मल्टी टास्क वर्करों की नियुक्ति भी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिम्मेवारी से हटकर युवाओं को नौकरियां न देकर सारा काम ठेकेदारों को दे रही है। ऐसे में काम समय पर नहीं होता और गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में रहती है। उन्होंने वैली में विद्युत बोर्ड कर्मियों की नियुक्ति करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के बाद से अभी तक बीएसएनएल का सिग्नल भी ठप पड़ा है। ऐसे में लोगों को विद्युत और संचार सुविधा के बगैर दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से समस्याओं का समाधान कर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है।
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कैबिनेट मंत्री जगत सिंह के गृह क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं से महरूम लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण हजारों लोगों की परेशानियां बरकरार हैं। बीते दस दिन से जिले की रोपा वैली अंधेरे में डूबी है। क्षेत्र में बिजली और संचार सुविधा पूरी तरह से ठप पड़ी है। भारी बर्फबारी से सेब बगीचों में पेड़ की टहनियां टूट गई हैं। इससे बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। सुन्नम पंचायत के उपप्रधान जीता सिंह ने बताया कि बर्फबारी के दस दिन के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग विद्युत आपूर्ति और संचार सुविधा बहाल करने में असफल रहे हैं। रोपा वैली में बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की भारी किल्लत है और सरकार नियुक्तियां भी नहीं कर रही है। इस कारण विद्युत आपूर्ति बहाल करना मुश्किल हो रहा है। राजस्व मंत्री और बोर्ड प्रबंधन से बार-बार रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई गई, लेकिन अभी तक कोई नियुक्ति नहीं हुई है। रोपा वैली के छह गांव के हजारों लोग बिना बिजली के परेशानियां झेल रहे हैं, जबकि यह राजस्व मंत्री का पैतृक गांव भी है। इसके बावजूद भी समूची वैली में मात्र दो ही बिजली कर्मचारी हैं। हर विभाग में मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त किए गए हैं, लेकिन बिजली बोर्ड में मल्टी टास्क वर्करों की नियुक्ति भी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिम्मेवारी से हटकर युवाओं को नौकरियां न देकर सारा काम ठेकेदारों को दे रही है। ऐसे में काम समय पर नहीं होता और गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में रहती है। उन्होंने वैली में विद्युत बोर्ड कर्मियों की नियुक्ति करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के बाद से अभी तक बीएसएनएल का सिग्नल भी ठप पड़ा है। ऐसे में लोगों को विद्युत और संचार सुविधा के बगैर दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से समस्याओं का समाधान कर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है।