{"_id":"65180210239302cc88038a96","slug":"rampur-news-jila-parishad-emoloyee-started-strike-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-6159-2023-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
विज्ञापन
मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगी विरोध प्रदर्शन, पंचायतों के कार्य होंगे प्रभावित
पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग में विलय मांग करने रहे हैं कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। कई वर्षों से पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग में विलय की मांग कर रहे जिला परिषद कैडर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार से रामपुर विधानसभा क्षेत्र के रामपुर और ननखड़ी में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी । कर्मियों ने चेताया है कि जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। पंचायतों में तैनात पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं के हड़ताल पर जाने से पंचायतों के कार्य प्रभावित होंगे। इससे आने वाले दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। विकास खंड रामपुर और ननखड़ी के जिला परिषद कैडर के कर्मचारी और अधिकारियों ने मांगें पूरी न होने को लेकर शनिवार से कलम छोड़ कर हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पूर्व जिला परिषद कैडर कर्मचारी और अधिकारी महासंघ ने चेताया था कि अगर 29 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी न हुई तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। महासंघ के अध्यक्ष गोकल राम डोगरा ने कहा कि अधिकारी, कर्मचारी, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और कनिष्ठ अभियंता के पद पर जिला परिषद कैडर के तहत अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। जिला परिषद के सभी अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से ग्रामीण विकास या पंचायतीराज विभाग में विलय करने की मांग उठा रहे हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले सारे लाभ कर्मचारियों को भी मिल सके, लेकिन सरकार और विभाग प्रदेश के करीब 4,700 कर्मचारियों की सुनवाई नहीं कर रहा है। कर्मचारियों को सरकारी विभागों के कर्मचारियों के समकक्ष छठे वेतन आयोग, डीए और अन्य तरह के वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। इस कारण कई वर्षों से सेवाएं दे रहे ये कर्मचारी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्व में रही भाजपा की सरकार ने इन कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ और अन्य भत्ते मुहैया करवाने का आश्वासन दिया था लेकिन ये कर्मचारी आज तक अपने हकों के लिए संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि जब तक जिप कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तक तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। जनता की दुश्वारियों के लिए सीधे तौर पर सरकार और संबंधित विभाग जिम्मेवार होंगे। इस मौके पर महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शीशी राम, उपाध्यक्ष गीता राम शर्मा, महासचिव देवेंद्र सिंह चौहान, सुनील चौहान, लायक राम चौहान, भवानी दत्त शर्मा, सोहन लाल, रजनीश चौहान, राम सिंह देष्टा, सागी राम, देवी सिंह, दीपन कुमार और सुनील कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग में विलय मांग करने रहे हैं कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। कई वर्षों से पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग में विलय की मांग कर रहे जिला परिषद कैडर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार से रामपुर विधानसभा क्षेत्र के रामपुर और ननखड़ी में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी । कर्मियों ने चेताया है कि जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। पंचायतों में तैनात पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं के हड़ताल पर जाने से पंचायतों के कार्य प्रभावित होंगे। इससे आने वाले दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। विकास खंड रामपुर और ननखड़ी के जिला परिषद कैडर के कर्मचारी और अधिकारियों ने मांगें पूरी न होने को लेकर शनिवार से कलम छोड़ कर हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पूर्व जिला परिषद कैडर कर्मचारी और अधिकारी महासंघ ने चेताया था कि अगर 29 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी न हुई तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। महासंघ के अध्यक्ष गोकल राम डोगरा ने कहा कि अधिकारी, कर्मचारी, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और कनिष्ठ अभियंता के पद पर जिला परिषद कैडर के तहत अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। जिला परिषद के सभी अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से ग्रामीण विकास या पंचायतीराज विभाग में विलय करने की मांग उठा रहे हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले सारे लाभ कर्मचारियों को भी मिल सके, लेकिन सरकार और विभाग प्रदेश के करीब 4,700 कर्मचारियों की सुनवाई नहीं कर रहा है। कर्मचारियों को सरकारी विभागों के कर्मचारियों के समकक्ष छठे वेतन आयोग, डीए और अन्य तरह के वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। इस कारण कई वर्षों से सेवाएं दे रहे ये कर्मचारी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्व में रही भाजपा की सरकार ने इन कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ और अन्य भत्ते मुहैया करवाने का आश्वासन दिया था लेकिन ये कर्मचारी आज तक अपने हकों के लिए संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि जब तक जिप कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तक तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। जनता की दुश्वारियों के लिए सीधे तौर पर सरकार और संबंधित विभाग जिम्मेवार होंगे। इस मौके पर महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शीशी राम, उपाध्यक्ष गीता राम शर्मा, महासचिव देवेंद्र सिंह चौहान, सुनील चौहान, लायक राम चौहान, भवानी दत्त शर्मा, सोहन लाल, रजनीश चौहान, राम सिंह देष्टा, सागी राम, देवी सिंह, दीपन कुमार और सुनील कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।