{"_id":"6592a8ff93070b7cab0c54fc","slug":"rampur-news-health-news-phc-doctor-post-vacant-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-10395-2024-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: दुर्गम क्षेत्रों में अस्पताल खोले, उपचार के लिए अभी भी इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: दुर्गम क्षेत्रों में अस्पताल खोले, उपचार के लिए अभी भी इंतजार
विज्ञापन
रामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों में कई वर्षों से चिकित्सकों के पद चल रहे खाली
जनप्रतिनिधियों ने चेताया, जल्द रिक्त पदों की तैनाती नहीं हुई तो छेड़ेंगे जन आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा(रामपुर बुशहर)। रामपुर चिकित्सा खंड के अधीन आने वाले अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामभरोसे चल रहे हैं। बिना चिकित्सक मरीजों की नब्ज कौन टटोले? इस सवाल का जवाब न तो प्रदेश सरकार के पास है और न ही विभाग के पास लेकिन इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है l ग्रामीण क्षेत्र की हालत यह है कि कई ऐसे भी स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां वर्षों से स्टाफ की भर्ती नहीं की गई है। इस वजह से इन भवनों में ताला लटक गया है। इसका ताजा उदाहरण मुनिश पंचायत स्थित जोगणी स्वास्थ्य उपकेंद्र है, जहां बीते एक साल से ताला लटका है। इसी तरह काशापाट पंचायत के काशा में करीब 12 साल पूर्व सरकार द्वारा स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेंद्र कागजों पर ही चल रहा है। इस स्वास्थ्य संस्थान को न ही भाजपा सरकार और न ही वर्तमान कांग्रेस सरकार इसका निर्माण कर पाई है l प्रदेश सरकार की अनदेखी का खामियाजा हजारों लोगों को उठाना पड़ रहा है, जो कि लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है l इसी तरह नोग वैली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालसा भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले चल रहा हैं। यहां डंसा, शिंगला और लालसा पंचायतों की हजारों की आबादी प्राथमिक उपचार के लिए निर्भर है। लेकिन चिकित्सक और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ के अभाव में लोगों को कई मीलों दूर उपचार के लिए जाना पड़ रहा है। मुनिश पंचायत प्रधान के भजन दास, लालसा पंचायत प्रधान मोहन लाल और काशापाट पंचायत की प्रधान पुष्पा स्नाटू ने बताया कि उनकी पंचायतों से इस संदर्भ में कई मर्तबा सरकार और विभागीय अधिकारियों से बाकायदा प्रस्ताव पेश कर स्टाफ तैनाती की मांग की जा चुकी है। यही नहीं स्थानीय विधायक नंदलाल के समक्ष भी रिक्त पदों को उठाया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। उन्होंने सरकार और विभाग को चेताया कि अगर समय रहते स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की तैनाती नहीं की गई तो जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
कोट्स
रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द सरकार रिक्त पदों को भरेगी।
डॉ. आरके नेगी, बीएमओ रामपुर
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों ने चेताया, जल्द रिक्त पदों की तैनाती नहीं हुई तो छेड़ेंगे जन आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा(रामपुर बुशहर)। रामपुर चिकित्सा खंड के अधीन आने वाले अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामभरोसे चल रहे हैं। बिना चिकित्सक मरीजों की नब्ज कौन टटोले? इस सवाल का जवाब न तो प्रदेश सरकार के पास है और न ही विभाग के पास लेकिन इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है l ग्रामीण क्षेत्र की हालत यह है कि कई ऐसे भी स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां वर्षों से स्टाफ की भर्ती नहीं की गई है। इस वजह से इन भवनों में ताला लटक गया है। इसका ताजा उदाहरण मुनिश पंचायत स्थित जोगणी स्वास्थ्य उपकेंद्र है, जहां बीते एक साल से ताला लटका है। इसी तरह काशापाट पंचायत के काशा में करीब 12 साल पूर्व सरकार द्वारा स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेंद्र कागजों पर ही चल रहा है। इस स्वास्थ्य संस्थान को न ही भाजपा सरकार और न ही वर्तमान कांग्रेस सरकार इसका निर्माण कर पाई है l प्रदेश सरकार की अनदेखी का खामियाजा हजारों लोगों को उठाना पड़ रहा है, जो कि लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है l इसी तरह नोग वैली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालसा भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले चल रहा हैं। यहां डंसा, शिंगला और लालसा पंचायतों की हजारों की आबादी प्राथमिक उपचार के लिए निर्भर है। लेकिन चिकित्सक और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ के अभाव में लोगों को कई मीलों दूर उपचार के लिए जाना पड़ रहा है। मुनिश पंचायत प्रधान के भजन दास, लालसा पंचायत प्रधान मोहन लाल और काशापाट पंचायत की प्रधान पुष्पा स्नाटू ने बताया कि उनकी पंचायतों से इस संदर्भ में कई मर्तबा सरकार और विभागीय अधिकारियों से बाकायदा प्रस्ताव पेश कर स्टाफ तैनाती की मांग की जा चुकी है। यही नहीं स्थानीय विधायक नंदलाल के समक्ष भी रिक्त पदों को उठाया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। उन्होंने सरकार और विभाग को चेताया कि अगर समय रहते स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की तैनाती नहीं की गई तो जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
कोट्स
रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द सरकार रिक्त पदों को भरेगी।
डॉ. आरके नेगी, बीएमओ रामपुर