{"_id":"65c2392248f3ded3dc0be922","slug":"rampur-news-health-news-blood-donation-camp-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-111841-2024-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: झाकड़ी में 29 आईटीबीपी जवानों ने किया रक्तदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: झाकड़ी में 29 आईटीबीपी जवानों ने किया रक्तदान
विज्ञापन
रक्तदान करने से हृदय रोगों की आशंका होती है कम : सेनानी चंदन
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी रामपुर बुशहर। सतलुज जल विद्युत निगम के तत्वाधान में झाकड़ी में आयोजित रक्तदान शिविर में वाहिनी सेनानी चंदन सिंह भंडारी के रक्तदान महादान व्याख्यान से प्रेरित हुए वाहिनी में तैनात सभी पदाधिकारियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। शिविर में करीब 26 जवानों ने रक्तदान किया। अपने संबोधन में सेनानी 43वीं वाहिनी ने कहा कि मनुष्य रक्तदान के माध्यम से किसी व्यक्ति को जीवनदान दे सकता है। साथ ही एक बार रक्तदान करने में 650 कैलोरी ऊर्जा खर्च होती है, जोकि हम सुरक्षा सैनिकों के लिए वजन कम करने का भी सरल माध्यम है। रक्तदान से रक्त का संचार शरीर में अधिक तेजी से होता है। इसके कारण हृदय रोगों की आशंका लगभग कम हो जाती है, बहुत सारी जांचे जो नियमित नहीं करवाई जाती है, वह भी रक्तदान के अंतराल में की जाती है। इससे गंभीर रोगों का पता भी चल पाता है। इस अवसर पर सतलुज जल विद्युत निगम के पदाधिकारियों और चिकित्सकों ने भी शिविर में रक्त देने आए 43वीं वाहिनी के आईटीबीपी हिमवीरों का आभार जताया गया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी रामपुर बुशहर। सतलुज जल विद्युत निगम के तत्वाधान में झाकड़ी में आयोजित रक्तदान शिविर में वाहिनी सेनानी चंदन सिंह भंडारी के रक्तदान महादान व्याख्यान से प्रेरित हुए वाहिनी में तैनात सभी पदाधिकारियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। शिविर में करीब 26 जवानों ने रक्तदान किया। अपने संबोधन में सेनानी 43वीं वाहिनी ने कहा कि मनुष्य रक्तदान के माध्यम से किसी व्यक्ति को जीवनदान दे सकता है। साथ ही एक बार रक्तदान करने में 650 कैलोरी ऊर्जा खर्च होती है, जोकि हम सुरक्षा सैनिकों के लिए वजन कम करने का भी सरल माध्यम है। रक्तदान से रक्त का संचार शरीर में अधिक तेजी से होता है। इसके कारण हृदय रोगों की आशंका लगभग कम हो जाती है, बहुत सारी जांचे जो नियमित नहीं करवाई जाती है, वह भी रक्तदान के अंतराल में की जाती है। इससे गंभीर रोगों का पता भी चल पाता है। इस अवसर पर सतलुज जल विद्युत निगम के पदाधिकारियों और चिकित्सकों ने भी शिविर में रक्त देने आए 43वीं वाहिनी के आईटीबीपी हिमवीरों का आभार जताया गया।