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Rampur Bushahar News: शिलारू के फल संतति एवं प्रदर्शन केंद्र में तैयार किए जा रहे सेब के 70 हजार रूट स्टाॅक
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सीपीएस मोहन लाल ब्राक्टा ने किया विश्व बैंक पोषित फल संतति एवं प्रदर्शन केंद्र का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। मुख्य संसदीय सचिव (बागवानी) मोहन लाल ब्राक्टा ने विश्व बैंक पोषित परियोजना फल संतति एवं प्रदर्शन केंद्र शिलारू में उत्कृष्ट केंद्र (समशीतोष्ण) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ उद्यान विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। पीएस मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि 234 बीघा में सेब के रूट स्टाॅक तैयार किए गए हैं। इसमें एमला 111, एमला 9, एमला 106, बड-9, 10 और 118 का प्रसारण किया जा रहा है। इस वर्ष 70,000 रूट स्टॉक तैयार किए गए हैं। इसमे नई किस्में रेड केप वैलटॉयड, डार्क बैरोन गाला, किंग राॅट, गाला शनिको, रेडलम गाला, स्कारलेट और अर्ली रेड वन अगले साल के लिए तैयार किए जाएंगे। प्रदर्शनी के रूप में विदेश से नई किस्मों के सेब, प्लम, नाशपाती, चेरी के बगीचे स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए पोलीहाउस में फ्युसिया, जिरेनियम, गुलदावदी प्रुमिलास, कारनेशन, ओरकीड, हाइड्रेनजिया, बिगोनिया, एगापेनथस के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही आधुनिक बागवानी के प्रशिक्षण के लिए पांच करोड़ की लागत से किसान भवन का निर्माण किया जा रहा है। उद्यान विकास अधिकारी डाॅ मनमोहन मेहता और उनकी टीम उपरोक्त कार्य को पूरा कर रही है। सीपीएस ने निरीक्षण के दौरान शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करवाने के आदेश दिए। इस मौके पर विशेषज्ञ डॉ. कुशाल मेहता भी उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। मुख्य संसदीय सचिव (बागवानी) मोहन लाल ब्राक्टा ने विश्व बैंक पोषित परियोजना फल संतति एवं प्रदर्शन केंद्र शिलारू में उत्कृष्ट केंद्र (समशीतोष्ण) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ उद्यान विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। पीएस मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि 234 बीघा में सेब के रूट स्टाॅक तैयार किए गए हैं। इसमें एमला 111, एमला 9, एमला 106, बड-9, 10 और 118 का प्रसारण किया जा रहा है। इस वर्ष 70,000 रूट स्टॉक तैयार किए गए हैं। इसमे नई किस्में रेड केप वैलटॉयड, डार्क बैरोन गाला, किंग राॅट, गाला शनिको, रेडलम गाला, स्कारलेट और अर्ली रेड वन अगले साल के लिए तैयार किए जाएंगे। प्रदर्शनी के रूप में विदेश से नई किस्मों के सेब, प्लम, नाशपाती, चेरी के बगीचे स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए पोलीहाउस में फ्युसिया, जिरेनियम, गुलदावदी प्रुमिलास, कारनेशन, ओरकीड, हाइड्रेनजिया, बिगोनिया, एगापेनथस के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही आधुनिक बागवानी के प्रशिक्षण के लिए पांच करोड़ की लागत से किसान भवन का निर्माण किया जा रहा है। उद्यान विकास अधिकारी डाॅ मनमोहन मेहता और उनकी टीम उपरोक्त कार्य को पूरा कर रही है। सीपीएस ने निरीक्षण के दौरान शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करवाने के आदेश दिए। इस मौके पर विशेषज्ञ डॉ. कुशाल मेहता भी उपस्थित रहे।