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Rampur Bushahar News: माटल में पंचायत में बारिश से बगीचों और घरों को भारी नुकसान

Tue, 25 Jul 2023 11:16 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:16 PM IST
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चौपाल (रोहड़ू)। बीते दिनों हुई भारी बरसात से यूं तो उपमंडल चौपाल की कोई भी पंचायत या गांव अछूता नहीं रहा है, लेकिन उपमंडल के सबसे बड़े सेब उत्पादक क्षेत्र पुंदर परगना की माटल पंचायत से बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मौसम खुलने के बाद सामने आई तबाही की तस्वीरों ने हर किसी को झकझोर दिया है।
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एप्पल बेल्ट के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में बरसात ने सबकुछ तहस नहस कर दिया है। पंचायत के प्रत्येक गांव को बरसात ने ऐसे जख्म दिए हैं, जिससे अगले कुछ सालों तक उभर पाना बेहद मुश्किल है। पंचायत की सड़कों की बात करें या बगीचों और घरों की, बरसात ने भारी तबाही मचाई है। बरसात से लोगों के घर, बगीचों और क्षेत्र की सड़कों को भारी क्षति पहुंची हैं। इसे दुरुस्त करने में अभी लंबा समय लग सकता है।
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माटल पंचायत को उपमंडल और जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क की हालत भी खस्ता बनी हुई है। यह सड़क जगह-जगह भूस्खलन होने से क्षतिग्रस्त हो गई है। लोहना खड्ड में वर्षों से पुल का निर्माण न हो पाना, जहां हर बरसात लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में लाकर खड़ा कर देता है। वहीं इस बरसात में कई संपर्क मार्गों का नामोनिशान तक मिट गया है। सेब बहुल क्षेत्र होने से बागवानों को सबसे बड़ी चिंता अपनी फसल को मंडियों तक पहुंचाने की हो रही है। पंचायत प्रधान पूजा कटाइक ने बताया कि भारी बारिश ने पूरी पंचायत को अलग-लग कर दिया है।
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इस बरसात में लोगों का निजी तौर पर कल्पना से भी अधिक नुकसान हुआ है। पंचायत के अंतर्गत क्यार गांव को बरसात ने सबसे अधिक जख्म दिए हैं। इस गांव में भूस्खलन होने से सड़क से ऊपर और नीचे बने कई रिहायशी मकानों को खतरा पैदा हो गया है। जगह-जगह दरारें आने के कारण लोग खतरे के साये में रहने को मजबूर हैं।


यही नहीं सीताराम कटाइक, किरपा राम और भगत राम निवासी कफरौना को खतरे को देखते हुए अपने घर खाली करने पड़े हैं। इससे ये परिवार बेघर हो गए हैं। पंचायत प्रधान पूजा कटाइक ने सरकार प्रशासन से अपील की कि उनकी पंचायत की मुख्य और संपर्क मार्गों को खोला जाए, जिससे समय रहते बागवानों की सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाया जा सके।
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