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मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना से एंटी हेलनेट को हटाना दुर्भाग्यपूर्ण :बरागटा
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हर साल ओलावृष्टि के कारण करोड़ों की सेब की फसल नष्ट हो जाती है। फसल को ओलावृष्टि से बचाने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना मे एंटी हेलनेट की व्यवस्था की थी, लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने एंटी हेलनेट को इस योजना से बाहर कर दिया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कही। चेतन बरागटा ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के अंतर्गत एक किसान परिवार को पांच हजार वर्ग मीटर में नेट लगाने पर 80 फीसदी सब्सिडी मिल रही थी। पूर्व भाजपा सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 10 करोड़ का बजट आवंटन भी योजना में किया था। ये योजना छोटे किसानों- बागवानों के लिए फायदेमंद थी। योजना के अंतर्गत किसान-बागवान सिर्फ 20 फीसदी धनराशि खर्च कर बगीचे में एंटी हेलनेट लगा रहे थे। इसमें 80 फीसदी अनुदान मिल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने योजना को बंद कर दिया। कृषि विभाग ने वेबसाइट से एंटी हेलनेट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाला पोर्टल भी हटा दिया है। किसानों-बागवानों ने हजारों की संख्या में इसके लिए आवेदन किया है। ऐसे में सरकार के इस कदम से बागवानों को भारी निराशा हाथ लगी है। वहीं सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष भी है। चेतन बरागटा ने कहा कि सुखविंद्र सुक्खू सरकार का योजना को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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रोहड़ू। हर साल ओलावृष्टि के कारण करोड़ों की सेब की फसल नष्ट हो जाती है। फसल को ओलावृष्टि से बचाने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना मे एंटी हेलनेट की व्यवस्था की थी, लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने एंटी हेलनेट को इस योजना से बाहर कर दिया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कही। चेतन बरागटा ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के अंतर्गत एक किसान परिवार को पांच हजार वर्ग मीटर में नेट लगाने पर 80 फीसदी सब्सिडी मिल रही थी। पूर्व भाजपा सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 10 करोड़ का बजट आवंटन भी योजना में किया था। ये योजना छोटे किसानों- बागवानों के लिए फायदेमंद थी। योजना के अंतर्गत किसान-बागवान सिर्फ 20 फीसदी धनराशि खर्च कर बगीचे में एंटी हेलनेट लगा रहे थे। इसमें 80 फीसदी अनुदान मिल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने योजना को बंद कर दिया। कृषि विभाग ने वेबसाइट से एंटी हेलनेट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाला पोर्टल भी हटा दिया है। किसानों-बागवानों ने हजारों की संख्या में इसके लिए आवेदन किया है। ऐसे में सरकार के इस कदम से बागवानों को भारी निराशा हाथ लगी है। वहीं सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष भी है। चेतन बरागटा ने कहा कि सुखविंद्र सुक्खू सरकार का योजना को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है।