रामपुर बुशहर। देश में मोदी सरकार ने कृषि कानून लाकर और संशोधन कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म कर जो इस पर कुठाराघात किया है, वह देश में भुखमरी के हालात पैदा करने वाला साबित होगा। सरकार को मंडी व्यवस्था मजबूत करते हुए एपीएमसी के सुदृढ़ीकरण हेतु काम करना चाहिए था। लेकिन, इस काले कानून से देश में एपीएमसी के साथ-साथ भारतीय खाद्य निगम भी खत्म होगा। इसके दुष्परिणाम के रूप में देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली ध्वस्त होगी और देश में सस्ते राशन की सरकारी दुकानों पर ताले लग जाएंगे। यह बात वीरवार को निरमंड में जनवादी महिला समिति की जिला शिमला सह सचिव आशु भारती ने कही।
वीरवार को निरमंड में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के राष्ट्रीय आह्वान पर कृषि अधिनियम के विरोध व किसान आंदोलन के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया गया। धरने को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में कृषि अधिनियम ने देश की आधी आबादी महिलाओं को विशेष रूप से प्रभावित किया है। देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तबाह होने के कारण उसकी स्थिति और संकटग्रस्त होगी। वीरवार को निरमंड में एडवा ने केंद्र सरकार की ओर से इस अधिनियम को निरस्त करने तक इस लड़ाई को जारी रखने का निर्णय लिया। इस धरने में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी भागीदारी की।
इस अवसर पर आशु भारती, राजकुमारी, उषा फूला देवी, कृष्णा, ममता, शारदा, कमला और लता सहित कई अन्य मौजूद रहे।