{"_id":"5fcfb1bc8ebc3ee635460989","slug":"protest-rampur-hp-news-sml353907016","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के समर्थन में ठियोग में ढाई घंटे चक्का जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के समर्थन में ठियोग में ढाई घंटे चक्का जाम
विज्ञापन
ठियोग में विधायक राकेश सिंघा की अगुवाई में एनएच पांच पर किया चक्का जाम।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर/ठियोग/कुमारसैन। किसानों के हितों को लेकर मंगलवार को ऊपरी शिमला में कहीं चक्का जाम तो कहीं पर विरोध प्रदर्शन किए गए। कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और रोष प्रकट किया गया। ठियोग में कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को वामपंथी संगठनों ने किसान सभा के बैनर तले चक्का जाम किया और कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग उठाई। ठियोग के विधायक राकेश सिंघा स्वयं एनएच पांच पर डटे रहे और करीब ढाई घंटे एनएच जाम रखा।
सिंघा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नए कृषि कानून देश-प्रदेश के किसानों के हित में न होकर पूंजीपतियों के लिए फायदेमंद होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों ने इस प्रकार के कानूनों की कभी मांग नहीं की, उसके बावजूद ये बिल क्यों लाए गए? सिंघा ने कहा कि दिल्ली सीमा पर बैठे किसानों का साथ देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बंद का आह्वान किसान संगठनों ने किया है। वहीं, इस दौरान लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। 11 बजे से डेढ़ बजे तक चले चक्का जाम के दौरान दुकानें भी बंद होने के कारण लोगों को चाय-पानी तक नहीं मिल पाया।
वहीं, सीपीएम, सीटू, हिमाचल किसान सभा और अन्य जनसंगठनों ने अखिल भारतीय किसानों के संयुक्त आंदोलन के भारत बंद के समर्थन में रामपुर, झाकड़ी, नोगली, ज्यूरी, दोफदा, दत्तनगर, बायल, निरमंड और ननखड़ी सहित कई अन्य स्थानों पर किसान विरोधी काले कानूनों की वापसी के लिए प्रदर्शन किए। सीपीएम लोकल कमेटी के सचिव देवकी नंद, सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सीटू राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, पूर्ण ठाकुर, प्रेम चौहान और जगदीश आदि नेताओं ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ रामपुर और निरमंड ब्लॉक के विभिन्न स्थानों में आंदोलनरत किसानों के भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया। गांव-गांव से किसानों ने दूध और सब्जी की सप्लाई को बंद रखकर प्रदर्शन में भाग लेकर मोदी सरकर की कॉर्पोरेट के पक्ष की नीति के खिलाफ और खेती-किसानी बचाने के लिए जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर राजकुमार, सनी, साहिल, राहुल, देवेंद्र, सुनामनी, मंजू, सेवा दासी और रजनी सहित कई अन्य मौजूद रहे। वहीं, कुमारसैन उपमंडल के बिथल, बड़ा गांव और सवेरा खड्ड में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया गया। सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, किसान सभा नारकंडा ब्लॉक उपाध्यक्ष काकू राम, राजेश, जसबीर, देवराज, डोला राम और हेम राज ने कहा है कि किसान आंदोलन को 12 दिन दिल्ली में हो गए हैं। किसान अन्नदाता हैं और समाज के हर तबके का पालन पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को राजनीति से ऊपर उठकर देखने की आवश्यकता है, क्योंकि किसान देश की बुनियाद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंघा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नए कृषि कानून देश-प्रदेश के किसानों के हित में न होकर पूंजीपतियों के लिए फायदेमंद होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों ने इस प्रकार के कानूनों की कभी मांग नहीं की, उसके बावजूद ये बिल क्यों लाए गए? सिंघा ने कहा कि दिल्ली सीमा पर बैठे किसानों का साथ देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बंद का आह्वान किसान संगठनों ने किया है। वहीं, इस दौरान लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। 11 बजे से डेढ़ बजे तक चले चक्का जाम के दौरान दुकानें भी बंद होने के कारण लोगों को चाय-पानी तक नहीं मिल पाया।
विज्ञापन
वहीं, सीपीएम, सीटू, हिमाचल किसान सभा और अन्य जनसंगठनों ने अखिल भारतीय किसानों के संयुक्त आंदोलन के भारत बंद के समर्थन में रामपुर, झाकड़ी, नोगली, ज्यूरी, दोफदा, दत्तनगर, बायल, निरमंड और ननखड़ी सहित कई अन्य स्थानों पर किसान विरोधी काले कानूनों की वापसी के लिए प्रदर्शन किए। सीपीएम लोकल कमेटी के सचिव देवकी नंद, सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सीटू राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, पूर्ण ठाकुर, प्रेम चौहान और जगदीश आदि नेताओं ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ रामपुर और निरमंड ब्लॉक के विभिन्न स्थानों में आंदोलनरत किसानों के भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया। गांव-गांव से किसानों ने दूध और सब्जी की सप्लाई को बंद रखकर प्रदर्शन में भाग लेकर मोदी सरकर की कॉर्पोरेट के पक्ष की नीति के खिलाफ और खेती-किसानी बचाने के लिए जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर राजकुमार, सनी, साहिल, राहुल, देवेंद्र, सुनामनी, मंजू, सेवा दासी और रजनी सहित कई अन्य मौजूद रहे। वहीं, कुमारसैन उपमंडल के बिथल, बड़ा गांव और सवेरा खड्ड में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया गया। सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, किसान सभा नारकंडा ब्लॉक उपाध्यक्ष काकू राम, राजेश, जसबीर, देवराज, डोला राम और हेम राज ने कहा है कि किसान आंदोलन को 12 दिन दिल्ली में हो गए हैं। किसान अन्नदाता हैं और समाज के हर तबके का पालन पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को राजनीति से ऊपर उठकर देखने की आवश्यकता है, क्योंकि किसान देश की बुनियाद हैं।
विज्ञापन