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मिड डे मील वर्कर्स को 8250 प्रतिमाह दे सरकार : यूनियन

Fri, 07 Aug 2020 09:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2020 09:21 PM IST
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रामपुर बुशहर। केंद्रीय ट्रेड यूनियन और स्कीम वर्कर्स की राष्ट्रीय फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर शुक्रवार को मिड-डे मील वर्करों ने रामपुर में सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों के चलते सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। चौधरी अड्डे में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाकर रोष प्रकट किया। उसके बाद एसडीएम सुरेंद्र मोहन को ज्ञापन सौंपा।
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सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, बिहारी सेवगी, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष कौशल्या और आशु भारती ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठा रही है। बावजूद इसके सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। वर्ष 2009 के बाद केंद्र की किसी भी सरकार ने मिड-डे मील वर्कर्स के वेतन में एक रुपये की बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि, महंगाई कई गुणा बढ़ चुकी है। केंद्र सरकार की ओर से 45वें श्रम सम्मेलन में माना था कि मिड-डे मील वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाएगा। साथ ही उन्हें न्यूनतम वेतन, पेंशन और ग्रेच्युटी की सुविधा भी दी जाएगी, लेकिन 45वें श्रम सम्मेलन की शर्तों को अभी तक लागू नहीं किया गया। राज्य सरकार की ओर से भी साल के केवल दस माह में मात्र 1300 रुपये मिड-डे मील वर्कर्स को प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। ऐसे में उन्हें परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। जबकि, अक्तूबर 2019 को उच्च न्यायालय की ओर से मिड-डे मील वर्कर्स को दस माह की जगह पूरे 12 माह का वेतन देनेे का फैसला दिया था।
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यूनियन ने मिड-डे मील वर्कर्स को 8250 रुपये वेतन प्रतिमाह देने, हाईकोर्ट के 12 माह के वेतन देने के फैसले को लागू करने, स्कूलों में पार्ट टाइम मल्टी वर्कर्स की भर्ती में मिड-डे मील वर्कर्स को प्राथमिकता देने, नौकरी से संबंधित पचीस बच्चों की शर्त को हटाने, सभी मिड-डे मील वर्कर्स को पेंशन, ग्रेच्युटी और सरकारी कर्मचारी घोषित करने, कोरोना महामारी के समय तक मिड-डे मील मजदूरों को सरकार की ओर से से छह माह तक 7500 रुपये नकद सहायता राशि देने, वर्करों के परिवार के प्रत्येक सदस्य को 10 किलो अनाज प्रति माह छह माह तक देने की मांग उठाई है। वहीं, इन मांगों को पूरा न करने की सूरत में यूनियन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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इस अवसर पर संगीता, मीना, रमेश, शक्ति, जगदीश, ममता, सरिता, लायक राम, हिमी, सुमन, सुषमा, संध्या, मीरा, चंपा, शांता, शकुंतला, हियूं देवी, संपति, सेवा राम, कीरता देवी, जीत राम, विमला, सीता, श्यामा, तारा और विजय लक्ष्मी सहित अन्य मौजूद रहे।
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