{"_id":"5f71e5638ebc3e9bf4622036","slug":"power-rampur-hp-news-sml3465498101","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं को दिया झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं को दिया झटका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांगला (किन्नौर)। बिजली बोर्ड ने जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को छह से आठ माह का एक साथ भारी भरकम बिल थमा कर उन्हें तगड़ा झटका दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें एक साथ इतने माह का बिल चुकाना मुश्किल होगा।
इसे बिजली बोर्ड की लापरवाही कहें या फिर स्टाफ का अभाव, लेकिन इसका खामियाजा जिले के सैकड़ों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। भारी भरकम बिलों को देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़े हुए हैं। लोगों को अब एक साथ इनका भुगतान करने की चिंता सता रही है। किन्नौर जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों सहित जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में बोर्ड ने उपभोक्ताओं को 6 से 8 माह के भारी भरकम बिल थमा दिए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष उमेश नेगी, उपाध्यक्ष हिम्मत नेगी, पूह ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम कुमार नेगी, निचार ब्लॉक अध्यक्ष वीर सिंह नेगी, कल्पा ब्लॉक अध्यक्ष प्रीतम नेगी, बद्री दुध्यान, त्रिलोक नेगी, डीडी नेगी, राजकमल नेगी और प्रमोद नेगी सहित जिले के कई अन्य उपभोक्ताओं ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और विद्युत बोर्ड से मांग करते हुए कहा कि बोर्ड हर माह बिल जारी करे। यदि संभव नहीं है तो कम से कम दो माह का बिल समय पर दे देना चाहिए। विद्युत बोर्ड एक साथ 6 से 8 माह का भारी भरकम बिल क्षेत्र के लोगों को थमा रहा है, जिसका गरीब उपभोक्ताओं के लिए भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में 80 फीसदी लोग कृषि पर निर्भर हैं, जो इतना भारी भरकम बिल अदा करने में सक्षम नहीं होते हैं। बोर्ड की लापरवाही गरीब तबके के लोगों पर भारी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और बोर्ड से समय रहते बिजली बिलिंग करने की गुहार लगाई है।
इस संबंध में विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने बताया कि पूर्व में कोविड-19 और ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते बिल जारी करने में देरी हुई थी। अब जिले में एक साथ भारी भरकम बिल नहीं दिए जाएंगे। जिले में समय-समय पर बिलिंग करवाए जाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसे बिजली बोर्ड की लापरवाही कहें या फिर स्टाफ का अभाव, लेकिन इसका खामियाजा जिले के सैकड़ों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। भारी भरकम बिलों को देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़े हुए हैं। लोगों को अब एक साथ इनका भुगतान करने की चिंता सता रही है। किन्नौर जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों सहित जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में बोर्ड ने उपभोक्ताओं को 6 से 8 माह के भारी भरकम बिल थमा दिए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष उमेश नेगी, उपाध्यक्ष हिम्मत नेगी, पूह ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम कुमार नेगी, निचार ब्लॉक अध्यक्ष वीर सिंह नेगी, कल्पा ब्लॉक अध्यक्ष प्रीतम नेगी, बद्री दुध्यान, त्रिलोक नेगी, डीडी नेगी, राजकमल नेगी और प्रमोद नेगी सहित जिले के कई अन्य उपभोक्ताओं ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और विद्युत बोर्ड से मांग करते हुए कहा कि बोर्ड हर माह बिल जारी करे। यदि संभव नहीं है तो कम से कम दो माह का बिल समय पर दे देना चाहिए। विद्युत बोर्ड एक साथ 6 से 8 माह का भारी भरकम बिल क्षेत्र के लोगों को थमा रहा है, जिसका गरीब उपभोक्ताओं के लिए भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में 80 फीसदी लोग कृषि पर निर्भर हैं, जो इतना भारी भरकम बिल अदा करने में सक्षम नहीं होते हैं। बोर्ड की लापरवाही गरीब तबके के लोगों पर भारी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और बोर्ड से समय रहते बिजली बिलिंग करने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
इस संबंध में विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने बताया कि पूर्व में कोविड-19 और ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते बिल जारी करने में देरी हुई थी। अब जिले में एक साथ भारी भरकम बिल नहीं दिए जाएंगे। जिले में समय-समय पर बिलिंग करवाए जाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन