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Rampur Bushahar News: बागवानों को मृदा परीक्षण से फल प्रसंस्करण तक दिया प्रशिक्षण
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डोडरा क्वार में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
उद्यान विभाग शिमला के उपनिदेशक ने सुनीं बागवानों की समस्याएं, प्राथमिकता से समाधान का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उद्यान विभाग डोडरा क्वार की ओर से 31 अक्तूबर को एक दिवसीय बागवानी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 150 बागवानों ने भाग लेकर आधुनिक और वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों की जानकारी हासिल की। शिविर में बागवानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फलदार पौधों में रोगों और कीटों की पहचान व नियंत्रण तथा उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। उपमंडलाधिकारी (ना.) डोडरा क्वार कीर्ति चंदेल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
शिविर में उद्यान विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. सुदर्शन नेगी, कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के डॉ. सुधीर वर्मा और डॉ. उषा शर्मा, विषय विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी चौहान तथा उद्यान विकास अधिकारी डोडरा क्वार कपिल देव विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला परिषद सदस्य मंजीत ठाकुर सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों और वार्ड सदस्यों ने भी शिविर में भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. सुधीर वर्मा ने बागवानों को मृदा परीक्षण, मिट्टी के स्वास्थ्य, पोषक तत्वों की उपलब्धता और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी की गुणवत्ता के महत्व को समझाते हुए वैज्ञानिक तरीकों से पोषक तत्वों का प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. उषा शर्मा ने सेब सहित अन्य फल फसलों में लगने वाले प्रमुख रोगों और कीटों की पहचान तथा उनके नियंत्रण के उपाय बताए। उन्होंने फसलों को रोगों और कीटों से बचाने के लिए समय पर उचित प्रबंधन अपनाने की जानकारी दी। वहीं, डॉ. अश्विनी चौहान ने उद्यान विभाग की योजनाओं, अनुदान और बागवानों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने इन योजनाओं का लाभ उठाकर बागवानी को अधिक लाभकारी बनाने की जानकारी दी।
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फल प्रसंस्करण से आय बढ़ाने के बताए तरीके
शिविर का आकर्षण फल प्रसंस्करण का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा। इसमें अमरजीत ने बागवानों को अचार, चटनी और जैम बनाने की विधियां प्रदर्शित कीं। इस दौरान फल प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से बागवानी उत्पादों का बेहतर उपयोग करने तथा अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसरों की जानकारी दी गई। इससे बागवानों को अपने उत्पादों से अधिक लाभ कमाने के लिए प्रसंस्करण की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। उद्यान विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. सुदर्शन नेगी ने बागवानों की समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के बागवानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे।
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उद्यान विभाग शिमला के उपनिदेशक ने सुनीं बागवानों की समस्याएं, प्राथमिकता से समाधान का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उद्यान विभाग डोडरा क्वार की ओर से 31 अक्तूबर को एक दिवसीय बागवानी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 150 बागवानों ने भाग लेकर आधुनिक और वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों की जानकारी हासिल की। शिविर में बागवानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फलदार पौधों में रोगों और कीटों की पहचान व नियंत्रण तथा उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। उपमंडलाधिकारी (ना.) डोडरा क्वार कीर्ति चंदेल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
शिविर में उद्यान विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. सुदर्शन नेगी, कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के डॉ. सुधीर वर्मा और डॉ. उषा शर्मा, विषय विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी चौहान तथा उद्यान विकास अधिकारी डोडरा क्वार कपिल देव विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला परिषद सदस्य मंजीत ठाकुर सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों और वार्ड सदस्यों ने भी शिविर में भाग लिया।
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प्रशिक्षण के दौरान डॉ. सुधीर वर्मा ने बागवानों को मृदा परीक्षण, मिट्टी के स्वास्थ्य, पोषक तत्वों की उपलब्धता और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी की गुणवत्ता के महत्व को समझाते हुए वैज्ञानिक तरीकों से पोषक तत्वों का प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. उषा शर्मा ने सेब सहित अन्य फल फसलों में लगने वाले प्रमुख रोगों और कीटों की पहचान तथा उनके नियंत्रण के उपाय बताए। उन्होंने फसलों को रोगों और कीटों से बचाने के लिए समय पर उचित प्रबंधन अपनाने की जानकारी दी। वहीं, डॉ. अश्विनी चौहान ने उद्यान विभाग की योजनाओं, अनुदान और बागवानों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने इन योजनाओं का लाभ उठाकर बागवानी को अधिक लाभकारी बनाने की जानकारी दी।
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फल प्रसंस्करण से आय बढ़ाने के बताए तरीके
शिविर का आकर्षण फल प्रसंस्करण का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा। इसमें अमरजीत ने बागवानों को अचार, चटनी और जैम बनाने की विधियां प्रदर्शित कीं। इस दौरान फल प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से बागवानी उत्पादों का बेहतर उपयोग करने तथा अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसरों की जानकारी दी गई। इससे बागवानों को अपने उत्पादों से अधिक लाभ कमाने के लिए प्रसंस्करण की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। उद्यान विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. सुदर्शन नेगी ने बागवानों की समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के बागवानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे।