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Rampur Bushahar News: पिछली बरसात में क्षतिग्रस्त पेयजल योजना नहीं हुई बहाल
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पौडिया की पेयजल योजना बंदली बुडच के लिए खड़ड् से जोडा जा रहा पानी
साल 1999 में बिना इनटेक और स्टोर टैंक बनाए खुले नाले से जोड़ी योजना से हो रही है पानी की सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहड़ू)। पौड़िया पंचायत के अंतिम गांव बुडच की पेयजल योजना बीती बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे ठीक नहीं किया गया है। इस कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गौर हो कि यह पेयजल योजना बंदली बुड़च के नाम से साल 1999 में बनी थी। विभाग ने बिना इनटेक और स्टोर टैंक बनाए पानी खुले नाले से जोड़ दिया था और यह योजना नियमित चल रही थी। विभाग इस स्कीम में इनटेक और स्टोर टैंक बनाना भूल गया था। उसके बाद जिस ठेकेदार को टेंडर दिया, उसने दुर्गम क्षेत्र होने के कारण काम छोड़ दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने मांग उठाई कि स्टील के इनटेक टैंक के बजाय आरसीसी का टैंक बनाया जाए, लेकिन आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्कीम पर विभाग का कोई भी लाइनमैन तैनात नहीं है। बिना लाइनमैन के ग्रामीण खुद देखभाल करते रहे हैं और नाले का खुला पानी भी पीते रहे हैं। पूर्व बीडीसी सदस्य एवं स्वयंसेवी दिनेश गजटा ने बताया की अधिशासी अभियंता के संज्ञान में भी यह मामला लाया गया। पिछले वर्ष विभाग ने मरम्मत के एस्टिमेट भी बनाए, लेकिन आगे कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि पौड़िया, रुसलाह, पुजारली और नेरवा तक की पंचायतों को पानी उसी सोर्स से दिया जा रहा है, जहां से बुड़च गांव के ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति होती है। बरसात के बाद लाइन की टूटने के कारण ग्रामीण पेयजल को तरस रहे हैं। तीन साल से पंचायत स्तर की योजना भी कछुआ चाल से चली है। वहीं, लोगों को भारी सूखे में पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी वीरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, दीपक, भूपिंदर, विक्रांत, गोपाल, अजय, कुलदीप, राजू, कृष्ण कुमार और दिनेश गजटा ने विभाग से शीघ्र पेयजल योजना की लाइन के मरम्मत की मांग उठाई है।
ध्यान में मामला नहीं है। यदि पेयजल योजना क्षतिग्रस्त है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
-विजय मच्छान, अधिशासी अभियंता जल शक्ति मंडल नेरवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहड़ू)। पौड़िया पंचायत के अंतिम गांव बुडच की पेयजल योजना बीती बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे ठीक नहीं किया गया है। इस कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गौर हो कि यह पेयजल योजना बंदली बुड़च के नाम से साल 1999 में बनी थी। विभाग ने बिना इनटेक और स्टोर टैंक बनाए पानी खुले नाले से जोड़ दिया था और यह योजना नियमित चल रही थी। विभाग इस स्कीम में इनटेक और स्टोर टैंक बनाना भूल गया था। उसके बाद जिस ठेकेदार को टेंडर दिया, उसने दुर्गम क्षेत्र होने के कारण काम छोड़ दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने मांग उठाई कि स्टील के इनटेक टैंक के बजाय आरसीसी का टैंक बनाया जाए, लेकिन आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्कीम पर विभाग का कोई भी लाइनमैन तैनात नहीं है। बिना लाइनमैन के ग्रामीण खुद देखभाल करते रहे हैं और नाले का खुला पानी भी पीते रहे हैं। पूर्व बीडीसी सदस्य एवं स्वयंसेवी दिनेश गजटा ने बताया की अधिशासी अभियंता के संज्ञान में भी यह मामला लाया गया। पिछले वर्ष विभाग ने मरम्मत के एस्टिमेट भी बनाए, लेकिन आगे कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि पौड़िया, रुसलाह, पुजारली और नेरवा तक की पंचायतों को पानी उसी सोर्स से दिया जा रहा है, जहां से बुड़च गांव के ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति होती है। बरसात के बाद लाइन की टूटने के कारण ग्रामीण पेयजल को तरस रहे हैं। तीन साल से पंचायत स्तर की योजना भी कछुआ चाल से चली है। वहीं, लोगों को भारी सूखे में पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी वीरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, दीपक, भूपिंदर, विक्रांत, गोपाल, अजय, कुलदीप, राजू, कृष्ण कुमार और दिनेश गजटा ने विभाग से शीघ्र पेयजल योजना की लाइन के मरम्मत की मांग उठाई है।
ध्यान में मामला नहीं है। यदि पेयजल योजना क्षतिग्रस्त है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
-विजय मच्छान, अधिशासी अभियंता जल शक्ति मंडल नेरवा