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Rampur Bushahar News: तीन माह से पेमेंट को भटक रहे दूध उत्पादक, आर्थिक संकट बढ़ा
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पशुओं के चारे, दवाएं और अन्य खर्च निकालना भी हुआ मुश्किल
पशुपालकों ने मिल्कफेड की कार्यप्रणाली पर जताया रोष, जल्द भुगतान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
उपमंडल आनी के पशुपालक तीन महीने से दूध की पेमेंट न मिलने के कारण परेशान हैं। पशुपालकों ने मिल्कफेड की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है। पशु पालकों ने सरकार और मिल्कफेड प्रबंधन से जल्द दूध की पेमेंट जारी करने की मांग उठाई है। उपमंडल आनी के हरिपुर चिलिंग प्लांट में दूध की आपूर्ति देने वाले पशुपालकों को पिछले जून माह से दूध की अदायगी नहीं हुई है। पशुपालकों में मिल्क फेडरेशन के प्रति रोष है। पशुपालकों का कहना है कि वे नियमित रूप से दूध की आपूर्ति कर रहे हैं लेकिन समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालकों में देवकी नंद, देवेंद्र कुमार, शांता देवी, मंजू, हरीश, प्रवेश सहित अन्य ने बताया कि पशुपालन से होने वाली आमदनी उनके परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों का मुख्य सहारा है। दूध की बिक्री के बदले समय पर भुगतान न मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। पशुपालकों ने कहा कि पशुओं के चारे, दवाइयों और अन्य खर्चों के लिए भी लगातार धनराशि की आवश्यकता रहती है। पशुपालकों ने मिल्क फेडरेशन से मांग की है कि जून माह से लंबित दूध की पूरी अदायगी जल्द की जाए ताकि उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि भुगतान में इसी तरह देरी होती रही, तो दुग्ध उत्पादकों के सामने पशुपालन जारी रखना भी चुनौतियों भरा बन जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग और मिल्क फेडरेशन से मामले का संज्ञान लेकर लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से वे पशुपालन को बेहतर तरीके से जारी रख सकेंगे और परिवार का गुजर-बसर भी सुचारु रूप से चल सकेगा।
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पशुपालकों ने मिल्कफेड की कार्यप्रणाली पर जताया रोष, जल्द भुगतान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
उपमंडल आनी के पशुपालक तीन महीने से दूध की पेमेंट न मिलने के कारण परेशान हैं। पशुपालकों ने मिल्कफेड की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है। पशु पालकों ने सरकार और मिल्कफेड प्रबंधन से जल्द दूध की पेमेंट जारी करने की मांग उठाई है। उपमंडल आनी के हरिपुर चिलिंग प्लांट में दूध की आपूर्ति देने वाले पशुपालकों को पिछले जून माह से दूध की अदायगी नहीं हुई है। पशुपालकों में मिल्क फेडरेशन के प्रति रोष है। पशुपालकों का कहना है कि वे नियमित रूप से दूध की आपूर्ति कर रहे हैं लेकिन समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालकों में देवकी नंद, देवेंद्र कुमार, शांता देवी, मंजू, हरीश, प्रवेश सहित अन्य ने बताया कि पशुपालन से होने वाली आमदनी उनके परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों का मुख्य सहारा है। दूध की बिक्री के बदले समय पर भुगतान न मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। पशुपालकों ने कहा कि पशुओं के चारे, दवाइयों और अन्य खर्चों के लिए भी लगातार धनराशि की आवश्यकता रहती है। पशुपालकों ने मिल्क फेडरेशन से मांग की है कि जून माह से लंबित दूध की पूरी अदायगी जल्द की जाए ताकि उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि भुगतान में इसी तरह देरी होती रही, तो दुग्ध उत्पादकों के सामने पशुपालन जारी रखना भी चुनौतियों भरा बन जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग और मिल्क फेडरेशन से मामले का संज्ञान लेकर लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से वे पशुपालन को बेहतर तरीके से जारी रख सकेंगे और परिवार का गुजर-बसर भी सुचारु रूप से चल सकेगा।