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Rampur Bushahar News: नोर-नित्थर-लूहरी सड़क को एमडीआर दर्जा देने का मामला लटका
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तीन साल बाद भी एमडीआर में शामिल नहीं हो पाई नोर नित्थर लूहरी सड़क। संवाद
वर्ष 2022 में 65.765 किमी सड़क को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड बनाने की अधिसूचना, डीपीआर तक नहीं बनी
संकीर्ण मार्ग और तंग मोड़ों के कारण खतरे के साये में आवाजाही करने को मजबूर हजारों ग्रामीण
हितेश भारती
नित्थर (कुल्लू)। नित्थर उपतहसील की हजारों आबादी को जोड़ने वाली नोर-नित्थर-लूहरी सड़क को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर) बनाने की अधिसूचना जारी हुए तीन साल से अधिक समय बीत गया, लेकिन सड़क की डीपीआर बनाने की प्रक्रिया तक आगे नहीं बढ़ पाई है। सड़क को एमडीआर का दर्जा मिलने के बावजूद तंग मोड़ों और संकरे हिस्सों को चौड़ा करने की कवायद शुरू न होने से क्षेत्रवासियों में रोष है। दरअसल, नोर से नित्थर, जाजर होते हुए लूहरी तक सड़क को एमडीआर बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जुलाई 2021 में निरमंड दौरे के दौरान इसकी घोषणा की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव सरकार को भेजा और मार्च 2022 में तत्कालीन सरकार के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव देवाशीष पांडे ने नोर से लूहरी तक 65.765 किलोमीटर सड़क को एमडीआर घोषित करने की अधिसूचना जारी की। लूहरी से जाजर तक करीब 10 और जाजर से नित्थर-नोर तक 55.765 किलोमीटर सड़क में कई तंग मोड़ और संकरे हिस्से हैं। इन स्थानों पर हादसों का खतरा बना रहता है और कई दुर्घटनाओं में लोगों की जान भी जा चुकी है। एमडीआर बनने से इन हिस्सों को चौड़ा करने, सुरक्षा इंतजाम और क्रैश बैरियर लगाने की उम्मीद जगी थी, लेकिन उम्मीद धरातल पर अधूरी पड़ी हुए है। सड़क के चौड़ा होने से नोर, पलेही, सराहन, रहाणु, घाटू, लोट, दुराह, शिल्ली, देहरा, नित्थर, गमोग और कुठेढ़ समेत कई पंचायतों की करीब 18 हजार आबादी को लाभ मिलना है। वहीं, बयुंगल और दलाश क्षेत्र के लोगों के लिए भी यह महत्वपूर्ण मार्ग है।
सड़क की डीपीआर न बनाए जाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं। मामले को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। सड़क की स्थिति को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखा जाएगा। नोर-लूहरी सड़क बेहद तंग है और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।-- लोकेंद्र कुमार, विधायक, आनी
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संकीर्ण मार्ग और तंग मोड़ों के कारण खतरे के साये में आवाजाही करने को मजबूर हजारों ग्रामीण
हितेश भारती
नित्थर (कुल्लू)। नित्थर उपतहसील की हजारों आबादी को जोड़ने वाली नोर-नित्थर-लूहरी सड़क को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर) बनाने की अधिसूचना जारी हुए तीन साल से अधिक समय बीत गया, लेकिन सड़क की डीपीआर बनाने की प्रक्रिया तक आगे नहीं बढ़ पाई है। सड़क को एमडीआर का दर्जा मिलने के बावजूद तंग मोड़ों और संकरे हिस्सों को चौड़ा करने की कवायद शुरू न होने से क्षेत्रवासियों में रोष है। दरअसल, नोर से नित्थर, जाजर होते हुए लूहरी तक सड़क को एमडीआर बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जुलाई 2021 में निरमंड दौरे के दौरान इसकी घोषणा की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव सरकार को भेजा और मार्च 2022 में तत्कालीन सरकार के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव देवाशीष पांडे ने नोर से लूहरी तक 65.765 किलोमीटर सड़क को एमडीआर घोषित करने की अधिसूचना जारी की। लूहरी से जाजर तक करीब 10 और जाजर से नित्थर-नोर तक 55.765 किलोमीटर सड़क में कई तंग मोड़ और संकरे हिस्से हैं। इन स्थानों पर हादसों का खतरा बना रहता है और कई दुर्घटनाओं में लोगों की जान भी जा चुकी है। एमडीआर बनने से इन हिस्सों को चौड़ा करने, सुरक्षा इंतजाम और क्रैश बैरियर लगाने की उम्मीद जगी थी, लेकिन उम्मीद धरातल पर अधूरी पड़ी हुए है। सड़क के चौड़ा होने से नोर, पलेही, सराहन, रहाणु, घाटू, लोट, दुराह, शिल्ली, देहरा, नित्थर, गमोग और कुठेढ़ समेत कई पंचायतों की करीब 18 हजार आबादी को लाभ मिलना है। वहीं, बयुंगल और दलाश क्षेत्र के लोगों के लिए भी यह महत्वपूर्ण मार्ग है।
सड़क की डीपीआर न बनाए जाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं। मामले को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। सड़क की स्थिति को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखा जाएगा। नोर-लूहरी सड़क बेहद तंग है और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।

तीन साल बाद भी एमडीआर में शामिल नहीं हो पाई नोर नित्थर लूहरी सड़क। संवाद
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