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Rampur Bushahar News: हिमाचल में नशा तस्करी पर लगाया जाए अंकुश
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पांवटा में गौहत्या को लेकर नेरवा में एकजुट हुए रूद्र सेना के पदाधिकारी
रुद्र सेना देवभूमि नेरवा कार्यकारिणी की बैठक में कई मुद्दों पर की चर्चा
लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात पुलिस कर्मियों तबादले की मांग
नेरवा (रोहड़ू)। रुद्र सेना देवभूमि की नेरवा कार्यकारिणी की बैठक नेरवा इकाई के अध्यक्ष मोहन लाल सूर्यवंशी की अध्यक्षता में हुई। इसमें रुद्रसेना उत्तराखंड और हिमाचल के अध्यक्ष राकेश उत्तराखंडी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बैठक में राकेश उत्तराखंडी ने कहा कि हिमाचल में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। इससे युवा पीढ़ी नशे की आदी होती जा रही है। युवा पीढ़ी को बचाने के लिए नशा तस्करी पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। प्रदेश की सीमाओं पर ईमानदार अधिकारियों और स्टाफ की तैनाती की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से एक ही थाने में कई पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनके तबादले लंबे समय से नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पुलिसकर्मी क्षेत्रवासियों को शह दे रहे हैं। उन्होंने डीजीपी से आग्रह किया है कि उन पुलिस वालों का तबादला किया जाए, जो लंबे समय से अपने गृह क्षेत्र के थानों में तैनात हैं। बैठक में उपस्थित स्थानीय लोंगो ने कहा कि घुमंतू वन गुज्जर परमिट से अधिक भैंसों को अपने साथ लाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस गुज्जर के पास पांच भैंसों का परमिट होता है, वह पांच सौ भैंसों को ले आता है। यह लोग स्थानीय लोगों के मवेशियों को जंगलों से खड़े देते हैं। उन्होंने वन विभाग से इनके परमिट व पशुओं की संख्या पर की जांच करने की मांग की है। इस अवसर पर नेरवा इकाई के संरक्षक रोनी भीमटा, संयोजक हेमंत ठाकुर, महामंत्री कुलदीप मिनाइक, सुनील कुमार, लोकेंद्र शर्मा, रुद्रसेना नारी शक्ति नेरवा की संरक्षक मीनाक्षी शर्मा,, पालक द्रोपदी शर्मा और अध्यक्ष ललिता शर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हिमाचल में गो हत्या पर बने कठोर कानून
राकेश उत्तराखंडी ने कहा कि पांवटा साहिब के क्षेत्र में बीते दिनों गोवंश को काटा जाना दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है। हिमाचल में अभी गो हत्या पर मात्र पांच साल की कैद और 25,000 रुपये का जुर्माना है। इसे कारण आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गो हत्या पर कठोर कानून बनना चाहिए।
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लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात पुलिस कर्मियों तबादले की मांग
नेरवा (रोहड़ू)। रुद्र सेना देवभूमि की नेरवा कार्यकारिणी की बैठक नेरवा इकाई के अध्यक्ष मोहन लाल सूर्यवंशी की अध्यक्षता में हुई। इसमें रुद्रसेना उत्तराखंड और हिमाचल के अध्यक्ष राकेश उत्तराखंडी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बैठक में राकेश उत्तराखंडी ने कहा कि हिमाचल में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। इससे युवा पीढ़ी नशे की आदी होती जा रही है। युवा पीढ़ी को बचाने के लिए नशा तस्करी पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। प्रदेश की सीमाओं पर ईमानदार अधिकारियों और स्टाफ की तैनाती की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से एक ही थाने में कई पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनके तबादले लंबे समय से नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पुलिसकर्मी क्षेत्रवासियों को शह दे रहे हैं। उन्होंने डीजीपी से आग्रह किया है कि उन पुलिस वालों का तबादला किया जाए, जो लंबे समय से अपने गृह क्षेत्र के थानों में तैनात हैं। बैठक में उपस्थित स्थानीय लोंगो ने कहा कि घुमंतू वन गुज्जर परमिट से अधिक भैंसों को अपने साथ लाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस गुज्जर के पास पांच भैंसों का परमिट होता है, वह पांच सौ भैंसों को ले आता है। यह लोग स्थानीय लोगों के मवेशियों को जंगलों से खड़े देते हैं। उन्होंने वन विभाग से इनके परमिट व पशुओं की संख्या पर की जांच करने की मांग की है। इस अवसर पर नेरवा इकाई के संरक्षक रोनी भीमटा, संयोजक हेमंत ठाकुर, महामंत्री कुलदीप मिनाइक, सुनील कुमार, लोकेंद्र शर्मा, रुद्रसेना नारी शक्ति नेरवा की संरक्षक मीनाक्षी शर्मा,, पालक द्रोपदी शर्मा और अध्यक्ष ललिता शर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हिमाचल में गो हत्या पर बने कठोर कानून
राकेश उत्तराखंडी ने कहा कि पांवटा साहिब के क्षेत्र में बीते दिनों गोवंश को काटा जाना दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है। हिमाचल में अभी गो हत्या पर मात्र पांच साल की कैद और 25,000 रुपये का जुर्माना है। इसे कारण आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गो हत्या पर कठोर कानून बनना चाहिए।
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