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ट्रेनिंग पर चिकित्सक : ताले में बंद उपचार, भटक रहे बीमार
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छितकुल में लटका ताला, चरमराई स्वास्थ्य सुविधाएं। संवाद
- फोटो : credit
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पीएचसी छितकुल में लटका ताला, मरीजों को उपचार के लिए जाना पड़ रहा 24 किलोमीटर दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) छितकुल का एक मात्र चिकित्सक ट्रेनिंग पर चला गया है। इससे अस्पताल में ताला लटका हुआ है और मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ रहा है। जिले के दुर्गम गांव छितकुल के हजारों की आबादी को प्राथमिक उपचार तक की सेवा नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए छितकुल से 24 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पूर्व प्रधान छितकुल मुकेश नेगी, पूर्व उप प्रधान अरविंद नेगी, तुलसीराम नेगी, नेहर नेगी, जय कुमार नेगी और सुरेश नेगी समेत कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि छितकुल सबसे दुर्गम पंचायत है। यहां चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति होना बेहद जरूरी है। चिकित्सक का पद रिक्त होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से समय रहते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छितकुल में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग उठाई है ताकि लोगों को घर द्वार उपचार की सुविधा मिल सके और उन्हें भटकना न पड़े।
चिकित्सक को दो-तीन दिनों के लिए ट्रेनिंग पर भेजा गया था। वीरवार से चिकित्सक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छितकुल में ही सेवाएं देंगे।-- डॉ. बैंकट नेगी, बीएमओ सांगला
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) छितकुल का एक मात्र चिकित्सक ट्रेनिंग पर चला गया है। इससे अस्पताल में ताला लटका हुआ है और मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ रहा है। जिले के दुर्गम गांव छितकुल के हजारों की आबादी को प्राथमिक उपचार तक की सेवा नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए छितकुल से 24 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पूर्व प्रधान छितकुल मुकेश नेगी, पूर्व उप प्रधान अरविंद नेगी, तुलसीराम नेगी, नेहर नेगी, जय कुमार नेगी और सुरेश नेगी समेत कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि छितकुल सबसे दुर्गम पंचायत है। यहां चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति होना बेहद जरूरी है। चिकित्सक का पद रिक्त होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से समय रहते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छितकुल में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग उठाई है ताकि लोगों को घर द्वार उपचार की सुविधा मिल सके और उन्हें भटकना न पड़े।
चिकित्सक को दो-तीन दिनों के लिए ट्रेनिंग पर भेजा गया था। वीरवार से चिकित्सक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छितकुल में ही सेवाएं देंगे।
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