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Rampur Bushahar News: तीन घरों के बुझे दीये, चीखों से अस्पताल में पसरा मातम

Wed, 01 Jan 2025 11:40 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2025 11:40 PM IST
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Lamps of three houses extinguished, screams spread mourning in the hospital
ठियोग अस्पताल में पोस्टमार्टम को लेकर उठे विवाद के दौरान रोष जताते परिजन। संवाद
शिव कुमार ने खोया बेटा और दामाद
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ठियोग अस्पताल में छह घंटे तक चले विवाद के बाद परिजनों को सौंपे शव

परिजनों ने पोस्टमार्टम की मंजूरी न मिलने को लेकर जताया विरोध

सुनील ग्रोवर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। नई साल के पहले दिन जहां लोग एक दूसरों को नववर्ष की बधाई दे रहे थे, वहीं मतियाना में हुए हादसे के पीड़ित परिवार अपनों को खोकर गमजदा हुए। इस हादसे में हादसे में तीन घरों के चिराग बुझ गए। तीनों युवकों के परिजन अपने बच्चों को देखने के लिए 10 बजे ठियोग अस्पताल पहुंचे।
महिलाओं की चीखों से अस्पताल परिसर में भी मातम पसर गया। महिलाओं को रोता-बिलखता देख हर आने-जाने वाले की आंखें आंसुओं से भर गईं। बताते चलें कि नेशनल हाईवे पांच पर जिस जगह हादसा हुआ वहां क्रैश बैरियर नहीं थे। यदि यहां क्रैश बैरियर होते तो तीनों युवकों की जान बच सकती थी। भारतीय नेशनल हाईवे प्राधिकरण की लापरवाही के कारण यह हादसा तीन परिवारों को जीवन भर के जख्म दे गया। पहाड़ी इलाकों में अकसर क्रैश बैरियर कई हादसों को रोकने में कारगर साबित होते हैं। लेकिन घटनास्थल पर क्रैश बैरियर न होने की वजह से तीन युवक जान गंवा बैठे।
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शिव कुमार ने खोया दामाद और बेटा

शिव कुमार को यह हादसा दोहरे जख्म दे गया। उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि नए साल में उन्हें अपने जवान बेटे और दामाद की मौत मनहूस खबर सुनने को मिलेगी। शिव कुमार की बेटी पूजा की शादी आठ दिसंबर को साजन के साथ हुई थी। नवविवाहिता पूजा के हाथों की मेहंदी अभी फीकी भी नहीं पड़ी थी और जीवन भर साथ देने का वादा तोड़ते हुए साजन इस दुनिया से चला गया। पूजा हाथों में चूड़े पहने ठियोग अस्पताल में अपने साजन को देखने के लिए बार-बार गुहार लगती रही, लेकिन उसे कौन समझाए कि उसका साजन अब कभी नहीं लौटेगा।
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पोस्टमार्टम की अनुमति न लेने पर हंगामा, शाम तक चलता रहा विवाद

हादसे में काल का ग्रास बने प्रशांत के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर बिना अनुमति के पोस्टमार्टम करवाने पर खूब हंगामा किया। विवाद का यह सिलसिला शाम तक चलता रहा। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने साहिल के परिजनों से पोस्टमार्टम की अनुमति ली थी और गलती से प्रशांत का पोस्टमार्टम कर दिया, जबकि प्रशांत के परिजनों से अनुमति नहीं ली गई। इस घटनाक्रम के चलते पूरे दिन अस्पताल में हंगामा होता रहा। इस हंगामे के चलते दोनों युवकों के पोस्टमार्टम नहीं हो पाए। इस दौरान परिजन पुलिस से उलझते हुए नजर आए। प्रशांत के चाचा विश्वजीत ने कहा कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण प्रशांत के माता-पिता को गहरा आघात पहुंचा है। साहिल की मासी ओमी देवी ने डाक्टरों के खिलाफ रोष जताते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि छह घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
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