{"_id":"66b35e234b183807560064ff","slug":"kurpan-khad-public-works-department-loss-of-rs-1250-crore-due-to-flood-rampur-bushahr-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-119835-2024-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ से लोक निर्माण विभाग को हुआ 12.50 करोड़ का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ से लोक निर्माण विभाग को हुआ 12.50 करोड़ का नुकसान
विज्ञापन
बागीपुल में युद्धस्तर पर चल रहा बेली ब्रिज का निर्माण कार्य। संवाद
एक सप्ताह बाद भी 11 पंचायतों का कटा संपर्क, बागीपुल में युद्धस्तर पर चल रहा बेली ब्रिज का कार्य, केदस में भी शुरू कार्य
कोयल और केदस बेली ब्रिज के लिए धर्मशाला से पहुंच रहा मेटीरियल
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। बादल फटने से 31 जुलाई की रात को आई बाढ़ में कुर्पण खड्ड पर बने छोटे-बड़े सभी पुल बह गए हैं। इस कारण निरमंड उपमंडल की 11 पंचायतों का संपर्क अब भी कटा हुआ है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने बागीपुल और केदस में बेली ब्रिज लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। आज कोयल में बेल ब्रिज लगाने के लिए मेटीरियल पहुंच जाएगा। उसके बाद ब्रिज लगाने का कार्य शुरू होगा।
गौर हो कि 31 जुलाई की मध्य रात को श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों में बादल फटे थे। इससे कुर्पण खड्ड में भयानक बाढ़ आई थी। बाढ़ की चपेट में कुर्पण खड्ड पर बने चार पुल बह गए थे और उपमंडल की करीब 11 पंचायतों का संपर्क कट गया था। लोक निर्माण विभाग के बागीपुल में दो पुल, केदस और कोयल में एक-एक पुल बह गए थे। बाढ़ की चपेट में आने से इन पुलों का पूरी तरह से नामो-निशान मिट गया था। इस बाढ़ से लोक निर्माण विभाग को करीब 12.50 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। वहीं, लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेली ब्रिज लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। बागीपुल में युद्धस्तर पर बेली ब्रिज लगाने का कार्य चल रहा है और करीब तीन दिन के भीतर इस बेली ब्रिज को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। यहां करीब 50 मजदूर और इंजीनियर बेली ब्रिज के निर्माण में जुटे हुए हैं। वहीं, केदस में भी बुधवार से बेली ब्रिज लगाने का कार्य शुरू हुआ। यहां 20 मजदूर और इंजीनियर बेली ब्रिज के निर्माण में जुट गए हैं। बुधवार को बारिश होने के कारण कुर्पण खड्ड का जलस्तर बढ़ गया। इस कारण बेली ब्रिज निर्माण कार्य कुछ समय प्रभावित रहा। वहीं, तीन स्थानों पर वाहन योग्य पुल बहने से निरमंड खंड की चायल, सराहन, नोर, राहणू, गमोग, घाटू, शिल्ली, दुराह, देहरा और नित्थर पंचायत का संपर्क उपमंडल मुख्यालय निरमंड से कटा हुआ है। आवाजाही ठप होने से हजारों ग्रामीण रोजाना परेशानियां झेल रहे हैं। बहरहाल, भारी बाढ़ से मची तबाही से निपटने में अभी समय लगेगा।
चार पुल पूरी तरह से ध्वस्त
कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ से विभाग के चार पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। इससे विभाग को करीब 12.50 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। विभाग बेली ब्रिज का निर्माण युद्धस्तर पर कर रहा है। जल्द ही पुल का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। - ई. राहुल सूद, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग निरमंड
विज्ञापन
विज्ञापन
कोयल और केदस बेली ब्रिज के लिए धर्मशाला से पहुंच रहा मेटीरियल
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। बादल फटने से 31 जुलाई की रात को आई बाढ़ में कुर्पण खड्ड पर बने छोटे-बड़े सभी पुल बह गए हैं। इस कारण निरमंड उपमंडल की 11 पंचायतों का संपर्क अब भी कटा हुआ है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने बागीपुल और केदस में बेली ब्रिज लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। आज कोयल में बेल ब्रिज लगाने के लिए मेटीरियल पहुंच जाएगा। उसके बाद ब्रिज लगाने का कार्य शुरू होगा।
गौर हो कि 31 जुलाई की मध्य रात को श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों में बादल फटे थे। इससे कुर्पण खड्ड में भयानक बाढ़ आई थी। बाढ़ की चपेट में कुर्पण खड्ड पर बने चार पुल बह गए थे और उपमंडल की करीब 11 पंचायतों का संपर्क कट गया था। लोक निर्माण विभाग के बागीपुल में दो पुल, केदस और कोयल में एक-एक पुल बह गए थे। बाढ़ की चपेट में आने से इन पुलों का पूरी तरह से नामो-निशान मिट गया था। इस बाढ़ से लोक निर्माण विभाग को करीब 12.50 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। वहीं, लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेली ब्रिज लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। बागीपुल में युद्धस्तर पर बेली ब्रिज लगाने का कार्य चल रहा है और करीब तीन दिन के भीतर इस बेली ब्रिज को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। यहां करीब 50 मजदूर और इंजीनियर बेली ब्रिज के निर्माण में जुटे हुए हैं। वहीं, केदस में भी बुधवार से बेली ब्रिज लगाने का कार्य शुरू हुआ। यहां 20 मजदूर और इंजीनियर बेली ब्रिज के निर्माण में जुट गए हैं। बुधवार को बारिश होने के कारण कुर्पण खड्ड का जलस्तर बढ़ गया। इस कारण बेली ब्रिज निर्माण कार्य कुछ समय प्रभावित रहा। वहीं, तीन स्थानों पर वाहन योग्य पुल बहने से निरमंड खंड की चायल, सराहन, नोर, राहणू, गमोग, घाटू, शिल्ली, दुराह, देहरा और नित्थर पंचायत का संपर्क उपमंडल मुख्यालय निरमंड से कटा हुआ है। आवाजाही ठप होने से हजारों ग्रामीण रोजाना परेशानियां झेल रहे हैं। बहरहाल, भारी बाढ़ से मची तबाही से निपटने में अभी समय लगेगा।
विज्ञापन
चार पुल पूरी तरह से ध्वस्त
कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ से विभाग के चार पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। इससे विभाग को करीब 12.50 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। विभाग बेली ब्रिज का निर्माण युद्धस्तर पर कर रहा है। जल्द ही पुल का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। - ई. राहुल सूद, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग निरमंड
विज्ञापन

बागीपुल में युद्धस्तर पर चल रहा बेली ब्रिज का निर्माण कार्य। संवाद

बागीपुल में युद्धस्तर पर चल रहा बेली ब्रिज का निर्माण कार्य। संवाद