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आयकर के दायरे में न आने वालों को मिलें 75 सौ रुपये
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रामपुर बुशहर। किसान सभा ने केंद्र और प्रदेश सरकार से आयकर के दायरे में न आने वाले लोगों को तीन माह के लिए 7500 रुपये की राहत राशि देने की मांग की है। वहीं, किसानों ने दूध का समर्थन मूल्य भी 30 रुपये प्रतिकिलो करने की मांग उठाई है।
वीरवार को किसान सभा रामपुर ने एसडीएम नरेंद्र चौहान के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। सभा ने कोरोना संक्रमण के कारण किसान, मजदूर और देश की आम जनता को पेश आ रही समस्याओं में राहत प्रदान करने की मांग की है। सभा की प्रमुख मांगों को लेकर अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, खेत मजदूरों, गरीब जनता और प्रवासी मजदूरों की मांगों के चलते विरोध दिवस मनाया गया। किसान सभा रामपुर के सदस्य प्रेम चौहान, कुलदीप डोगरा, मोहित नेगी और दिनेश मेहता ने कहा कि मुख्य मांगों में आयकर के दायरे में न आने वाले सभी परिवारों को तीन माह के लिए 7500 रुपये देने, सभी प्रवासी मजदूरों को विशेष सहायता देने, दुर्घटनाओं या भूख के कारण घायल और आत्महत्या करने वाले प्रवासी मजदूरों के परिवारों को मुआवजा देने, मनरेगा के तहत प्रत्येक परिवार को 200 दिनों का काम देना और 300 रुपये न्यूनतम मजदूरी देना, प्रवासी मजदूरों को भी मनरेगा में शामिल करने, मनरेगा को रोजगार का महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखते हुए इसके लिए अतिरिक्त एक लाख करोड़ रुपये के बजट का आवंटन करने, राशन कार्डों को अनिवार्यता के बिना सभी परिवारों को महीने के लिए 20 किलो चावल देने जैसी कई मांगें शामिल हैं। निरमंड में भी किसानों ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर किसान सभा निरमंड के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर, सचिव जगदीश, महासचिव जिला शिमला देवकी नंद मौजूद रहे।
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वीरवार को किसान सभा रामपुर ने एसडीएम नरेंद्र चौहान के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। सभा ने कोरोना संक्रमण के कारण किसान, मजदूर और देश की आम जनता को पेश आ रही समस्याओं में राहत प्रदान करने की मांग की है। सभा की प्रमुख मांगों को लेकर अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, खेत मजदूरों, गरीब जनता और प्रवासी मजदूरों की मांगों के चलते विरोध दिवस मनाया गया। किसान सभा रामपुर के सदस्य प्रेम चौहान, कुलदीप डोगरा, मोहित नेगी और दिनेश मेहता ने कहा कि मुख्य मांगों में आयकर के दायरे में न आने वाले सभी परिवारों को तीन माह के लिए 7500 रुपये देने, सभी प्रवासी मजदूरों को विशेष सहायता देने, दुर्घटनाओं या भूख के कारण घायल और आत्महत्या करने वाले प्रवासी मजदूरों के परिवारों को मुआवजा देने, मनरेगा के तहत प्रत्येक परिवार को 200 दिनों का काम देना और 300 रुपये न्यूनतम मजदूरी देना, प्रवासी मजदूरों को भी मनरेगा में शामिल करने, मनरेगा को रोजगार का महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखते हुए इसके लिए अतिरिक्त एक लाख करोड़ रुपये के बजट का आवंटन करने, राशन कार्डों को अनिवार्यता के बिना सभी परिवारों को महीने के लिए 20 किलो चावल देने जैसी कई मांगें शामिल हैं। निरमंड में भी किसानों ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर किसान सभा निरमंड के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर, सचिव जगदीश, महासचिव जिला शिमला देवकी नंद मौजूद रहे।
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