हिमाचल: फूल आने के समय बिगड़ा मौसम, किन्नौर के सूखे मेवों का उत्पादन घटा और बढ़ गए दाम; जानें सबकुछ
किन्नौर जिले में इस साल मौसम की मार से सूखे मेवों और प्राकृतिक उत्पादों का उत्पादन घटा है। इसका असर बाजार में कीमतों पर पड़ा है। गुच्छी 18 हजार रुपये किलो, अखरोट 3 हजार रुपये और चिलगोजा 2 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
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किन्नौर जिले में इस वर्ष सूखे मेवों और प्राकृतिक उत्पादों का उत्पादन कम हुआ है। उत्पादन घटने से बाजार में इनके दाम भी बढ़ गए हैं। बागवानों और कारोबारियों के अनुसार, फूल आने के समय मौसम में आए उतार-चढ़ाव के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। प्राकृतिक रूप से उगने वाली गुच्छी के दाम में करीब तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब यह 18 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं, बीते वर्ष की तुलना में अन्य सूखे मेवों के दामों में भी 200 से 500 रुपये तक की वृद्धि हुई है। वर्ष 1980 से सूखे मेवों का कारोबार कर रहे पोवारी गांव के मालवर नेगी ने बताया कि इस साल सूखे मेवों का उत्पादन कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों से अंधाधुंध लग रहे बिजली प्रोजेक्टों के कारण पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे जिले में सूखे मेवों के उत्पादन और गुणवत्ता में कमी आई है। कोठी गांव के कारोबारी मनमोहन नेगी ने बताया कि इस साल फूल आने के समय मौसम में काफी उतार-चढ़ाव रहा। तापमान में अचानक गिरावट और फिर बढ़ोतरी से फूल आने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। यह उत्पादन घटने का मुख्य कारण है। कारोबारियों ने बताया कि उत्पादन घटने से दामों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन किन्नौर के सूखे मेवों की मांग लगातार बढ़ रही है। अखरोट के दाम इस बार तीन हजार रुपये तक पहुंच गए हैं, जबकि पिछले साल यह 2000 से 2500 रुपये तक बिक रहा था। बादाम इस बार 1500 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। जबकि पिछले साल इसके दाम 1200 से 1400 रुपये तक थे।
प्राकृतिक रूप से उगने वाली गुच्छी के दाम भी इस साल 18 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पिछले साल यह 15 हजार रुपये तक बिकी थी। कारोबारियों के अनुसार, इस साल फाफरा 300 रुपये, सूखे सेब 400 रुपये, अखरोट का तेल तीन हजार रुपये, बेनी का तेल 18 हजार रुपये, काला जीरा 3500 रुपये और ओगला 150 रुपये तक बिक रहा है।
चिलगोजा के दो हजार तक दाम
कारोबारी कांता देवी, रोहित नेगी और करमा नेगी ने बताया कि इस साल सूखे मेवों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, चिलगोजा इस साल दो हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है, जबकि पिछले साल इसका दाम 1600 रुपये तक था।