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चरस रखने के जुर्म में दोषी को 1 साल 10 माह की सजा

Mon, 11 Apr 2022 10:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 10:27 PM IST
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रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने सोमवार को चरस रखने का आरोप सिद्ध होने पर दोषी को एक साल दस महीने के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माने का भुगतान भी करना होगा।
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उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि पुलिस थाना ननखड़ी के तहत आने वाली कराली सड़क पर 3 अगस्त 2018 को पुलिस दल गश्त पर था। इस दौरान आरोपी प्रेमराज (35) निवासी गांव जरेट, डाकघर एवं तहसील ननखड़ी, जिला शिमला ननखड़ी बाजार की ओर से पैदल आ रहा था। मौके पर पुलिस को देखकर वह घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा। शक के आधार पर पुलिस ने उसे थोड़ी दूरी पर ही दबोच दिया और भागने का कारण पूछा। पुलिस पूछताछ में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
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पुलिस ने कानूनी प्रावधानों के तहत उसकी तलाशी ली। इस दौरान आरोपी से 107 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत ननखड़ी थाना में मामला दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद इस संबंध में अदालत के समक्ष चालान पेश किया गया। ट्रायल के दौरान 12 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने दोषी प्रेमराज को चरस रखने का दोषी पाया। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने दोषी को 1 साल 10 माह के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी को 10 हजार रुपये जुर्माना भी भुगतना होगा। सरकार की ओर से इस मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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