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Rampur Bushahar News: आनी में एचआरटीसी सेवा बदहाल, 50 हजार आबादी 18 बसों के सहारे
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आनी में एचआरटीसी सेवा बदहाल, 50 हजार आबादी 18 बसों के सहारे
. 59 रूट सिमटकर 29 रह गए, 16 वर्ष बाद भी बसों की संख्या और सेवाओं में नहीं हुआ विस्तार
. दूसरे डिपो से भेजी जा रही पुरानी बसों के भी रास्ते में हांफने की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवा उपमंडल आनी में लगातार बदहाल हो रही है। करीब 50 हजार की आबादी और 38 पंचायतों की परिवहन व्यवस्था वर्तमान में केवल 18 बसों के भरोसे है। क्षेत्र में 30 से अधिक बसों की आवश्यकता है। बसों की कमी का सीधा असर ग्रामीण परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। कभी आनी से 59 रूटों पर बसें चलती थीं। अब यह सेवा घटकर करीब 29 रूटों तक रह गई है। कई रूटों को आपस में मिला दिया गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। आनी सब डिपो उपमंडल की 38 पंचायतों को सेवा देता है। यह करसोग उपमंडल के छतरी और नाबीधार क्षेत्र को भी बस सेवा उपलब्ध करवाता है। सीमित बसों के सहारे इतने बड़े क्षेत्र को परिवहन सुविधा देना निगम के लिए चुनौती बना हुआ है। आनी को मई 2010 में बस सब डिपो का दर्जा मिला था। 16 वर्ष बाद भी बसों की संख्या और सेवाओं में अपेक्षित विस्तार नहीं हुआ है। प्रदेश के कुछ डिपो में नई इलेक्ट्रिक बसें पहुंचने के बाद पुरानी बसें रामपुर डिपो को भेजी जा रही हैं। इनमें से कुछ बसें आनी सब डिपो को भी मिली हैं। ग्रामीणों के अनुसार ये बसें पांच से सात वर्ष या उससे अधिक पुरानी हैं और लाखों किलोमीटर चल चुकी हैं। रास्ते में बसों के खराब होने की शिकायतें आम हैं। यात्रियों को आधे रास्ते में उतरकर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि पुरानी बसों से क्षेत्र की परिवहन समस्या का स्थायी समाधान कैसे होगा।
विधायक ने लगाया भेदभाव का आरोप
आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने सरकार पर क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उधर, अड्डा प्रभारी आनी संदीप कुमार ने बसों की कमी और अन्य समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया है। ग्रामीणों ने क्षेत्र की जरूरत के अनुसार नई और सुरक्षित बसें उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने बंद पड़े रूटों को फिर से शुरू करने की भी मांग उठाई है।
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. 59 रूट सिमटकर 29 रह गए, 16 वर्ष बाद भी बसों की संख्या और सेवाओं में नहीं हुआ विस्तार
. दूसरे डिपो से भेजी जा रही पुरानी बसों के भी रास्ते में हांफने की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवा उपमंडल आनी में लगातार बदहाल हो रही है। करीब 50 हजार की आबादी और 38 पंचायतों की परिवहन व्यवस्था वर्तमान में केवल 18 बसों के भरोसे है। क्षेत्र में 30 से अधिक बसों की आवश्यकता है। बसों की कमी का सीधा असर ग्रामीण परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। कभी आनी से 59 रूटों पर बसें चलती थीं। अब यह सेवा घटकर करीब 29 रूटों तक रह गई है। कई रूटों को आपस में मिला दिया गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। आनी सब डिपो उपमंडल की 38 पंचायतों को सेवा देता है। यह करसोग उपमंडल के छतरी और नाबीधार क्षेत्र को भी बस सेवा उपलब्ध करवाता है। सीमित बसों के सहारे इतने बड़े क्षेत्र को परिवहन सुविधा देना निगम के लिए चुनौती बना हुआ है। आनी को मई 2010 में बस सब डिपो का दर्जा मिला था। 16 वर्ष बाद भी बसों की संख्या और सेवाओं में अपेक्षित विस्तार नहीं हुआ है। प्रदेश के कुछ डिपो में नई इलेक्ट्रिक बसें पहुंचने के बाद पुरानी बसें रामपुर डिपो को भेजी जा रही हैं। इनमें से कुछ बसें आनी सब डिपो को भी मिली हैं। ग्रामीणों के अनुसार ये बसें पांच से सात वर्ष या उससे अधिक पुरानी हैं और लाखों किलोमीटर चल चुकी हैं। रास्ते में बसों के खराब होने की शिकायतें आम हैं। यात्रियों को आधे रास्ते में उतरकर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि पुरानी बसों से क्षेत्र की परिवहन समस्या का स्थायी समाधान कैसे होगा।
विधायक ने लगाया भेदभाव का आरोप
आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने सरकार पर क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उधर, अड्डा प्रभारी आनी संदीप कुमार ने बसों की कमी और अन्य समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया है। ग्रामीणों ने क्षेत्र की जरूरत के अनुसार नई और सुरक्षित बसें उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने बंद पड़े रूटों को फिर से शुरू करने की भी मांग उठाई है।
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