{"_id":"5f492d8d8ebc3e3cf4397dd5","slug":"hrtc-rampur-hp-news-sml343219737","type":"story","status":"publish","title_hn":"6 में से 24 रूटों पर ही दौड़ रहीं एचआरटीसी की बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
6 में से 24 रूटों पर ही दौड़ रहीं एचआरटीसी की बसें
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सांगला (किन्नौर)। कोरोना काल में पथ परिवहन निगम के किन्नौर डिपो को प्रदेश के अन्य जिलों में बस सेवा बंद करने से करोड़ों का नुकसान हो रहा है। जिले में पथ परिवहन निगम के रिकांगपिओ डिपो में कोरोना संकट काल से पहले 56 रूटों पर 92 बसें दौड़ रही थीं लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते करीब छह माह से सिर्फ 24 रूटों पर ही 30 बसें सेवाएं दे रही हैं। वहीं, जिले के लोगों को जिले से बाहर जाने के लिए पूरी तरह से निगम की बस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, निगम जिले के भीतर लोगों को सेवाएं देने के लिए बसों की बेहतर सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। जिले के करीब सभी ग्रामीण रूटों सहित शिमला जिला तक निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।
वहीं, बस सेवाएं पूरी तरह से सुचारु न चलने पर निगम को भी प्रतिदिन करीब आठ लाख की चपत लग रही है। बीते वर्ष इन दिनों निगम को साढ़े सात से आठ लाख प्रतिदिन आर्थिक आय होती थी, लेकिन इन दिनों कोरोना दौर में प्रतिदिन एक लाख से भी कम आय हो पा रही है। इन दिनों फिलहाल किन्नौर जिले से रोहड़ू, शिमला, रामपुर, रकछम, सांगला, छितकुल, रोघी, बारंग, पांगी, भावानगर, पूह, कानम, रोपा, सुन्नम, ठंगी, मूरंग, आसरंग, निचार, बरी, चगांव और उरनी सहित अन्य रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही हो रही है। वहीं, कोरोना संकट काल को मद्देनजर रखते हुए काजा के आधा दर्जन से अधिक रूट बंद हैं। इसके अलावा शिमला से आगे प्रदेश के किसी भी अन्य जिलों में निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। इसके चलते निगम को करोड़ों का चूना लग रहा है।
उधर, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप ने कहा कि निगम ने लोगों की सुविधाओं को देखते हुए जिले के 24 रूटों पर 30 बसों को चलाया जा रहा है। वहीं, कोरोना काल के चलते और अधिक क्षेत्रों में बसें चलाने की अनुमति नहीं है, जिसके चलते बसें नहीं भेजी जा रही हैं।
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वहीं, बस सेवाएं पूरी तरह से सुचारु न चलने पर निगम को भी प्रतिदिन करीब आठ लाख की चपत लग रही है। बीते वर्ष इन दिनों निगम को साढ़े सात से आठ लाख प्रतिदिन आर्थिक आय होती थी, लेकिन इन दिनों कोरोना दौर में प्रतिदिन एक लाख से भी कम आय हो पा रही है। इन दिनों फिलहाल किन्नौर जिले से रोहड़ू, शिमला, रामपुर, रकछम, सांगला, छितकुल, रोघी, बारंग, पांगी, भावानगर, पूह, कानम, रोपा, सुन्नम, ठंगी, मूरंग, आसरंग, निचार, बरी, चगांव और उरनी सहित अन्य रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही हो रही है। वहीं, कोरोना संकट काल को मद्देनजर रखते हुए काजा के आधा दर्जन से अधिक रूट बंद हैं। इसके अलावा शिमला से आगे प्रदेश के किसी भी अन्य जिलों में निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। इसके चलते निगम को करोड़ों का चूना लग रहा है।
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उधर, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप ने कहा कि निगम ने लोगों की सुविधाओं को देखते हुए जिले के 24 रूटों पर 30 बसों को चलाया जा रहा है। वहीं, कोरोना काल के चलते और अधिक क्षेत्रों में बसें चलाने की अनुमति नहीं है, जिसके चलते बसें नहीं भेजी जा रही हैं।
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