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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Horticulture in trouble due to drought in Rohru, no buyers available for apple plants

Rampur Bushahar News: सूखे से संकट में बागवानी, सेब के पौधों के नहीं मिल रहे खरीदार

Tue, 04 Feb 2025 11:08 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2025 11:08 PM IST
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बागवान और विक्रेता परेशान, अभी अब 30 फीसदी पौधों की ही हुई बिक्री, दाम कम करने पर भी नहीं मिल रहे खरीदार
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। इस साल सर्दियों में कम बारिश-बर्फबारी के कारण नर्सरी में नए पौधे की बिक्री रुक गई है। ऐसे में बागवान तो परेशान ही हैं, साथ में विक्रेता भी परेशान हैं। पौधों की बिक्री न होने से नर्सरी उत्पादकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सेब के बगीचों में कार्य रुक गए हैं। बागवानों को बेहतर बारिश-बर्फबारी का इंतजार है, वहीं समय निकलता देख नर्सरी उत्पादकों ने सेब के पौधों के दाम में बीस से तीस प्रतिशत तक कटौती कर दी है। सेब बाहुल क्षेत्र ऊपरी शिमला में लंबे समय से बारिश न होने से सर्दियों के सीजन में सूखे के हालत बन चुके हैं। इसका सबसे ज्यादा असर कृषि और बागवानी में देखने को मिल रहा है। बागवानों ने जमीन में गड्ढे तैयार किए, लेकिन बारिश में इंतजार में नए बगीचे लगाने का काम रोक दिया है। सूखे की वजह से बागवान सेब सहित अन्य प्रजातियों के पौधे नहीं खरीद रहे हैं। मौसम विभाग ने आज कल में बारिश की संभावना का पूर्वानुमान लगाया था, लेकिन इस क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ हो गया। अब नर्सरी उत्पादकों के बिक्री के लिए बागवानों को नए पौधे लगाने के लिए बारिश और बर्फबारी का इंतजार करना पड़ रहा है। सेब नर्सरी उत्पादक सुरेंद्र ठाकुर और बलबीर चौहान ने बताया कि अभी अब केवल 30 फीसदी पौधों की बिक्री हुई है। अभी तक बारिश- बर्फबारी की उम्मीद थी। अब स्टाक अधिक होने के कारण दाम में बीस से तीस प्रतिशत तक कटौती करनी पड़ गई है। दो सौ रुपये वाला पौधा अब एक सौ तीस से डेढ़ सौ के बीच बेच रहे हैं, फिर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। मार्च के बाद वैसे ही सेब व अन्य पौधों को लगाने का समय नहीं रहता है।

बागवान नए बगीचे लगाने की योजना को छोड़ दें
बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ का कहना है कि सूखे मौसम में बागवान नए बगीचे लगाने की योजना को छोड़ दें। यदि नए पौधे लगाने हैं, तो उसके लिए पर्याप्त नमी की जरूरत रहती है, इसलिए पहले सिंचाई की पूरी व्यवस्था करें। उसके बाद ही बगीचे लगाने शुरू करें। सेब व अन्य पौधों को लगाने का सही समय मार्च के अंत तक सही रहता है। कुछ लोग अप्रैल में भी ऊंचाई वाले क्षेत्र में पौधे लगाते हैं। अधिक गर्मी बढ़ने पर उनके जीवित रहने की संभावना बहुत कम रहती है।
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