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सिविल अस्पताल आनी में भारी स्टाफ नर्सों का टोटा
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आनी (कुल्लू)। सिविल अस्पताल आनी का दर्जा बढे़ तीन साल का समय बीत चुका है लेकिन आनी अस्पताल में अभी भी स्टाफ का टोटा चला हुआ है। हालांकि, हाल ही में दो विशेषज्ञ चिकित्सकों में से मेडिसन और सर्जन विशेषज्ञ चिकित्सक का पद भरा गया है। लेकिन अभी अहम पदों को भरना बाकी है। इन दिनों आनी अस्पताल में मात्र तीन स्टाफ नर्स ही सेवाएं दे रही हैं।
सिविल अस्पताल में स्टाफ नर्स के कुल बीस पद स्वीकृत हैं। दो विशेषज्ञों के आने से स्टाफ नर्स की जरूरतें भी अधिक महसूस हो रही हैं। जिप सदस्य ममता ठाकुर का कहना है कि सिविल अस्पताल आनी में करीब सात माह से चार स्टाफ नर्सों के पदोन्नत होने के बाद स्टाफ नर्सों की संख्या सात से घटकर मात्र तीन ही रह गई है। ऐसे में तीन स्टाफ नर्सों के ऊपर भारी वर्क लोड हो रहा है। स्टाफ नर्स लेबर रूम, वार्ड, ओटी और फाइल वर्क भी देखती है। ऐसे में स्टाफ कम होने से भारी समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। आनी अस्पताल में आनी की 32 पंचायतों के अलावा साथ लगती मंडी जिले की दर्जनों पंचायतों के लोग अपना इलाज करवाने पहुंचते है। ऐसे में स्टाफ नर्सों की कमी को शीघ्र दूर किया जाना अनिवार्य है। प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि स्वीकृत बीस नर्सों के पदों की जल्द पूरा किया जाए। उधर, बीएमओ आनी डॉ. ज्ञान ठाकुर का कहना है कि स्टाफ नर्सों के खाली पदों के बारे में मांग रखी गई है।
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सिविल अस्पताल में स्टाफ नर्स के कुल बीस पद स्वीकृत हैं। दो विशेषज्ञों के आने से स्टाफ नर्स की जरूरतें भी अधिक महसूस हो रही हैं। जिप सदस्य ममता ठाकुर का कहना है कि सिविल अस्पताल आनी में करीब सात माह से चार स्टाफ नर्सों के पदोन्नत होने के बाद स्टाफ नर्सों की संख्या सात से घटकर मात्र तीन ही रह गई है। ऐसे में तीन स्टाफ नर्सों के ऊपर भारी वर्क लोड हो रहा है। स्टाफ नर्स लेबर रूम, वार्ड, ओटी और फाइल वर्क भी देखती है। ऐसे में स्टाफ कम होने से भारी समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। आनी अस्पताल में आनी की 32 पंचायतों के अलावा साथ लगती मंडी जिले की दर्जनों पंचायतों के लोग अपना इलाज करवाने पहुंचते है। ऐसे में स्टाफ नर्सों की कमी को शीघ्र दूर किया जाना अनिवार्य है। प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि स्वीकृत बीस नर्सों के पदों की जल्द पूरा किया जाए। उधर, बीएमओ आनी डॉ. ज्ञान ठाकुर का कहना है कि स्टाफ नर्सों के खाली पदों के बारे में मांग रखी गई है।
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