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डेपुटेशन के सहारे चल रही पीएचसी ज्यूरी
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। शिमला और किन्नौर जिले की दर्जन भर से ज्यादा पंचायतों के केंद्र बिंदू के साथ नेशनल हाईवे पर स्थित पीएचसी ज्यूरी में स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने से लोगों में रोष है। रामपुर ब्लॉक में सबसे ज्यादा ओपीडी वाली पीएचसी ज्यूरी में दो वर्षों से डॉक्टरों के सभी पद खाली पड़े हुए हैं। दो वर्षों से दूसरे अस्पतालों से डॉक्टर डेपुटेशन पर सेवाएं दे रहे हैं। पीएचसी में दस सालों से फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त चल रहा है। बीस सालों से एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। यहां पर एक्सरे तकनीशियन का पद खाली पड़ा है। बिस्तर होने के बावजूद यहां पर किसी मरीज को आपातस्थिति में दाखिल नहीं किया जाता है। यहां पर स्टाफ की कमी के कारण दिन-रात की स्वास्थ्य सेवा तक बंद कर दी गई है। वहीं स्टाफ को रहने के लिए कोई रिहाइश नहीं है।
क्षेत्र के प्रताप सिंह, विनोद कुमार, प्रेम सिंह, संजय नेगी, विशाल, ऋतिक, मदन लाल, शेर सिंह, गजेंद्र, मनीष और महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों के अनुसार पीएचसी ज्यूरी में सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बहुत बदतर है। सरकार एक भी डॉक्टर यहां पर तैनात करने को तैयार नहीं है। एमओ, एएमओ और बीडीएस सहित सभी पद खाली पड़े हैं। पीएचसी में एक्सरे तकनीशियन का पद सृजित न होने से एक्सरे मशीन बीस सालों से जंग खा रही है। फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त चल रहा है। नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं से घायलों को 25 किलोमीटर दूर खनेरी अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग की है। वहीं इस संबंध मेें स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
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क्षेत्र के प्रताप सिंह, विनोद कुमार, प्रेम सिंह, संजय नेगी, विशाल, ऋतिक, मदन लाल, शेर सिंह, गजेंद्र, मनीष और महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों के अनुसार पीएचसी ज्यूरी में सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बहुत बदतर है। सरकार एक भी डॉक्टर यहां पर तैनात करने को तैयार नहीं है। एमओ, एएमओ और बीडीएस सहित सभी पद खाली पड़े हैं। पीएचसी में एक्सरे तकनीशियन का पद सृजित न होने से एक्सरे मशीन बीस सालों से जंग खा रही है। फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त चल रहा है। नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं से घायलों को 25 किलोमीटर दूर खनेरी अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग की है। वहीं इस संबंध मेें स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
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