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Rampur Bushahar News: 70 साल बदला गांव का नाम, गौंचा गांव का नाम अब होगा शिरगुल धार
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ग्रामीणों ने बैठक कर नाम बदलने का लिया निर्णय, प्रस्ताव किया पारित
कहा- लोग उड़ाते हैं मजाक तो ग्रामीण शर्मिंदगी करते हैं महसूस
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। भराणु पंचायत के गांव गौंचा के ग्रामीणों ने मंगलवार को बैठक कर गांव का नाम बदलने का निर्णय लिया। बैठक में विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से गांव का नाम परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया। गौंचा गांव का नाम अब शिरगुल धार रखने का निर्णय लिया है। यह गांव 70 साल पहले बसा था। 70 साल बाद इस गांव का नाम परिवर्तन करने की ग्रामीणों ने मांग उठाई। बैठक में उपस्थित सभी लोगों की राय थी कि गौंचा नाम का लोगों की ओर से मजाक उड़ाया जाता है। इस कारण गांववासियों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। कई लोग गांव का नाम गौंचा बताने में शर्मिंदगी महसूस करते हैं। इस कारण बीते कुछ वर्षों से गांव का नाम बदलने की चर्चा चल रही थी। गांव के ऊपर चोटी पर शिरगुल महाराज का मंदिर स्थित है, इसलिए सर्वसम्मति से गांव का नाम शिरगुल धार रखने का प्रस्ताव पारित किया गया।
सीएम से रिकॉर्ड में नाम दुरुस्त करने की मांग
ग्रामीणों ने इस निर्णय की प्रतिलिपि विभिन्न सरकारी विभागों को प्रेषित कर दी गई है। गांव वासियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से गुहार लगाई है कि वह संबंधित विभाग को आदेश प्रदान कर सरकारी रिकॉर्ड में गांव का नाम गौंचा से बदल कर शिरगुल धार करने का आदेश प्रदान करें। गांववासियों ने जन साधारण से भी भविष्य में इसे शिरगुल धार के नाम से पुकारने का आग्रह किया है।
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कहा- लोग उड़ाते हैं मजाक तो ग्रामीण शर्मिंदगी करते हैं महसूस
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। भराणु पंचायत के गांव गौंचा के ग्रामीणों ने मंगलवार को बैठक कर गांव का नाम बदलने का निर्णय लिया। बैठक में विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से गांव का नाम परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया। गौंचा गांव का नाम अब शिरगुल धार रखने का निर्णय लिया है। यह गांव 70 साल पहले बसा था। 70 साल बाद इस गांव का नाम परिवर्तन करने की ग्रामीणों ने मांग उठाई। बैठक में उपस्थित सभी लोगों की राय थी कि गौंचा नाम का लोगों की ओर से मजाक उड़ाया जाता है। इस कारण गांववासियों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। कई लोग गांव का नाम गौंचा बताने में शर्मिंदगी महसूस करते हैं। इस कारण बीते कुछ वर्षों से गांव का नाम बदलने की चर्चा चल रही थी। गांव के ऊपर चोटी पर शिरगुल महाराज का मंदिर स्थित है, इसलिए सर्वसम्मति से गांव का नाम शिरगुल धार रखने का प्रस्ताव पारित किया गया।
सीएम से रिकॉर्ड में नाम दुरुस्त करने की मांग
ग्रामीणों ने इस निर्णय की प्रतिलिपि विभिन्न सरकारी विभागों को प्रेषित कर दी गई है। गांव वासियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से गुहार लगाई है कि वह संबंधित विभाग को आदेश प्रदान कर सरकारी रिकॉर्ड में गांव का नाम गौंचा से बदल कर शिरगुल धार करने का आदेश प्रदान करें। गांववासियों ने जन साधारण से भी भविष्य में इसे शिरगुल धार के नाम से पुकारने का आग्रह किया है।
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