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नित्थर के पड़ेओ मोड़ के जंगल में भड़की आग, तीस पेड़ जले
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नित्थर के जंगल में लगी आग।
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नित्थर (कुल्लू)। नित्थर उपतहसील के पड़ेओ मोड़ के जंगल में मंगलवार रात अचानक आग भड़क गई। जंगल में लगी आग में करीब 30 पेड़ जल गए हैं। इसके साथ ही वन संपदा को भी नुकसान पहुंचा है। आग की वजह से पड़ेओ मोड़ के साथ के गांव बाढा और खदवेचा के घरों को खतरा पैदा गया था। क्षेत्र के लोगों और जिज्ञासा फाउंडेशन के सदस्यों ने आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लोगों की कड़ी मेहनत से गांवों पर मंडरा रहा खतरा टल गया है। इससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार मामला मंगलवार देर रात करीब नौ बजे का है जब पड़ेओ मोड़ पर जंगल में अचानक आग भड़क गई। थोड़ी देर में ही आग जंगल के काफी बड़े हिस्से में फैल गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसमें मुख्य सड़क से ऊपर के गांव खड़वेचा और निन्था के लोगों की जमीनें है, जिसमें घास की टोलियां हैं।
आग को बुझाने में जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर के सभी सदस्य प्रदीप रंगून, भूपि, सतपाल, पुने राम और मनोज ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वन विभाग को कई बार नित्थर के जंगलों में फायर लाइन काटने की गुहार लगाई गई है ताकि जंगल में लगने वाली में आग से होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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डीएफओ लूहरी चमन राव ने बताया कि वन विभाग आग की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। किसी भी तरह से हमारी वन संपदा को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए वन विभाग सतर्क है।
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जानकारी के अनुसार मामला मंगलवार देर रात करीब नौ बजे का है जब पड़ेओ मोड़ पर जंगल में अचानक आग भड़क गई। थोड़ी देर में ही आग जंगल के काफी बड़े हिस्से में फैल गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसमें मुख्य सड़क से ऊपर के गांव खड़वेचा और निन्था के लोगों की जमीनें है, जिसमें घास की टोलियां हैं।
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आग को बुझाने में जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर के सभी सदस्य प्रदीप रंगून, भूपि, सतपाल, पुने राम और मनोज ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वन विभाग को कई बार नित्थर के जंगलों में फायर लाइन काटने की गुहार लगाई गई है ताकि जंगल में लगने वाली में आग से होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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डीएफओ लूहरी चमन राव ने बताया कि वन विभाग आग की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। किसी भी तरह से हमारी वन संपदा को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए वन विभाग सतर्क है।