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Rampur Bushahar News: धधकते जंगल में सारी रात चीखते रहे वन्य जीव, दिन में दिखी बस राख
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दुराह के साथ जंगल में लगी आग। संवाद
दुराह के साथ के कलोग जंगल में भड़की आग, कई घरों को पैदा हो गया था खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। धधकते जंगल में सारी रात लोगों को वन्य जीवों की चीखें सुनाई देती रही। लोगों इस भयानक रात से खौफजदा थे। जंगल की आग रिहायश तक पहुंच गई थी, जिससे कई घरों को खतरा पैदा हो गया था। यह घटना नित्थर उपतहसील दुराह पंचायत के कलोग गांव में हुई। गांव के पास जंगल में शुक्रवार की शाम को आग लगी। लोगों को सारी रात वन्य जीवों के चीखने की आवाजें सुनाईं देती रहीं। कई चीड़ और देवदार के पेड़ जल गए। ग्रामीणों और वनकर्मियों ने मिलकर शनिवार दोपहर तक आग पर काबू पाया। रातभर जंगल धधकता रहा। अगले दिन आग पर काबू पाने के बाद लोगों को हर तरफ बस राख दिखाई दी। आग इतनी तेज थी कि रिहायशी इलाके तक पहुंच गई थी। लोगों को रातभर अपने घरों को बचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नित्थर क्षेत्र में आग लगाने का सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा है। लोगों के अनुसार बकरी और भेड़ पालकों की वजह से आग की घटना पेश आ रही है। जंगल में ठंड से बचने के लिए यह आग जलाते हैं और बाद में आग हवा के कारण फैल जाती है। रेंज अधिकारी सर्किल नित्थर सोहन सिंह नेगी ने बताया कि आजकल जंगल में आग बिल्कुल भी न जलाएं, क्योंकि सूखे की स्थिति से आग कहीं भी फैलकर भयानक रूप ले सकती है। नित्थर की हर बीट में वन मित्र रखे गए हैं, जो लोगों को जागरूक कर रहे हैं और आग की घटनाओं को रोकने का काम कर रहे हैं, फिर भी लोग आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। धधकते जंगल में सारी रात लोगों को वन्य जीवों की चीखें सुनाई देती रही। लोगों इस भयानक रात से खौफजदा थे। जंगल की आग रिहायश तक पहुंच गई थी, जिससे कई घरों को खतरा पैदा हो गया था। यह घटना नित्थर उपतहसील दुराह पंचायत के कलोग गांव में हुई। गांव के पास जंगल में शुक्रवार की शाम को आग लगी। लोगों को सारी रात वन्य जीवों के चीखने की आवाजें सुनाईं देती रहीं। कई चीड़ और देवदार के पेड़ जल गए। ग्रामीणों और वनकर्मियों ने मिलकर शनिवार दोपहर तक आग पर काबू पाया। रातभर जंगल धधकता रहा। अगले दिन आग पर काबू पाने के बाद लोगों को हर तरफ बस राख दिखाई दी। आग इतनी तेज थी कि रिहायशी इलाके तक पहुंच गई थी। लोगों को रातभर अपने घरों को बचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नित्थर क्षेत्र में आग लगाने का सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा है। लोगों के अनुसार बकरी और भेड़ पालकों की वजह से आग की घटना पेश आ रही है। जंगल में ठंड से बचने के लिए यह आग जलाते हैं और बाद में आग हवा के कारण फैल जाती है। रेंज अधिकारी सर्किल नित्थर सोहन सिंह नेगी ने बताया कि आजकल जंगल में आग बिल्कुल भी न जलाएं, क्योंकि सूखे की स्थिति से आग कहीं भी फैलकर भयानक रूप ले सकती है। नित्थर की हर बीट में वन मित्र रखे गए हैं, जो लोगों को जागरूक कर रहे हैं और आग की घटनाओं को रोकने का काम कर रहे हैं, फिर भी लोग आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं।