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कैबिनेट बैठक में डीए देने का निर्णय न होने से कर्मचारी और पेंशनर निराश : डोगरा
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रोहड़ू में कर्मचारी संघ की बैठक
कैबिनेट बैठक में डीए देने का निर्णय न होने से कर्मचारी और पेंशनर निराश : डोगरा
लंबित महंगाई भत्ते और एरियर का भुगतान न होने पर कर्मचारी नेताओं ने जताया रोष
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रोहड़ू।
हिमाचल प्रदेश सरकार की गत दिवस हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते और एरियर को लेकर कोई निर्णय न होने से कर्मचारी और पेंशनर वर्ग निराश है। रोहड़ू में प्रमुख कर्मचारी नेताओं की बैठक में सरकार के प्रति रोष प्रकट किया गया। राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष विपन डोगरा, राष्ट्रीय मंत्री चमन लाल कलवान, हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री बृज लाल शर्मा, हिमाचल प्रदेश पेंशनर महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम लाल शर्मा, सुरजीत राणा, उपाध्यक्ष राजेंद्र चौहान, सचिव राजेंद्र हरदास्ता और वित्त सचिव परमेश्वर चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार घोषणाएं और आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों में सरकार के रवैये को लेकर रोष व्याप्त है। न तो केंद्र के समान डीए मिल रहा है और न ही बकाया एरियर का भुगतान किया जा रहा है। पेंशनरों को संशोधित ग्रेच्युटी, कैश इन लीव और अन्य देय राशि भी नहीं मिल रही है। बार-बार घोषणा के बावजूद मेडिकल बिलों का भुगतान भी नहीं हो रहा है। जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के विभिन्न मंडलों में अभी भी दो वर्षों से मेडिकल बिल लंबित पड़े हैं। सरकार घोषणा करती है कि सभी बिलों का भुगतान किया जाएगा, लेकिन कार्यालयों में पता करने पर बजट की कमी के कारण मेडिकल बिलों का पूर्ण भुगतान न हो पाने की बात कही जाती है। इस कारण कर्मचारी और पेंशनर अपने तथा आश्रितों का उचित इलाज नहीं करवा पा रहे हैं और उन्हें भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी और पेंशनर महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दिवाली से पूर्व उनके डीए, एरियर और लंबित चिकित्सा बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए, ताकि यह वर्ग सरकार की घोषणाओं और आश्वासनों पर भरोसा बनाए रख सके। अन्यथा सरकार को इन वर्गों के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
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लंबित महंगाई भत्ते और एरियर का भुगतान न होने पर कर्मचारी नेताओं ने जताया रोष
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रोहड़ू।
हिमाचल प्रदेश सरकार की गत दिवस हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते और एरियर को लेकर कोई निर्णय न होने से कर्मचारी और पेंशनर वर्ग निराश है। रोहड़ू में प्रमुख कर्मचारी नेताओं की बैठक में सरकार के प्रति रोष प्रकट किया गया। राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष विपन डोगरा, राष्ट्रीय मंत्री चमन लाल कलवान, हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री बृज लाल शर्मा, हिमाचल प्रदेश पेंशनर महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम लाल शर्मा, सुरजीत राणा, उपाध्यक्ष राजेंद्र चौहान, सचिव राजेंद्र हरदास्ता और वित्त सचिव परमेश्वर चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार घोषणाएं और आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों में सरकार के रवैये को लेकर रोष व्याप्त है। न तो केंद्र के समान डीए मिल रहा है और न ही बकाया एरियर का भुगतान किया जा रहा है। पेंशनरों को संशोधित ग्रेच्युटी, कैश इन लीव और अन्य देय राशि भी नहीं मिल रही है। बार-बार घोषणा के बावजूद मेडिकल बिलों का भुगतान भी नहीं हो रहा है। जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के विभिन्न मंडलों में अभी भी दो वर्षों से मेडिकल बिल लंबित पड़े हैं। सरकार घोषणा करती है कि सभी बिलों का भुगतान किया जाएगा, लेकिन कार्यालयों में पता करने पर बजट की कमी के कारण मेडिकल बिलों का पूर्ण भुगतान न हो पाने की बात कही जाती है। इस कारण कर्मचारी और पेंशनर अपने तथा आश्रितों का उचित इलाज नहीं करवा पा रहे हैं और उन्हें भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी और पेंशनर महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दिवाली से पूर्व उनके डीए, एरियर और लंबित चिकित्सा बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए, ताकि यह वर्ग सरकार की घोषणाओं और आश्वासनों पर भरोसा बनाए रख सके। अन्यथा सरकार को इन वर्गों के विरोध का सामना करना पड़ेगा।