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Rampur Bushahar News: किन्नौर में टीबी से इस साल एक मौत, मरीजों की निगरानी के दिए निर्देश
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. जिला स्तरीय टीबी मृत्यु ऑडिट समीक्षा बैठक में उपचार की निरंतरता पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
उपायुक्त कार्यालय रिकांगपिओ में सोमवार को जिला स्तरीय टीबी मृत्यु की त्रैमासिक ऑडिट समीक्षा बैठक हुई। सहायक आयुक्त उपायुक्त विपिन कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जून 2026 तक जिले में टीबी से हुई मौत के मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अभी तक जिले में टीबी से संबंधित एक व्यक्ति की मृत्यु का मामला सामने आया है। सहायक आयुक्त ने खंड चिकित्सा अधिकारियों को टीबी मरीजों की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड स्तर पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों के उपचार की नियमित निगरानी करने और चिकित्सकों की ओर से निर्धारित दवा की सही खुराक, निर्धारित अवधि तक सेवन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और फॉलोअप में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उपचार के दौरान मरीजों को आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान करने और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में टीबी के मामलों की समय पर पहचान, जांच और उपचार के साथ मरीजों की नियमित निगरानी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपचार की निरंतरता बनाए रखने को जरूरी बताया। बैठक में टीबी के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया गया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम लगना, कमजोरी और कुछ मामलों में बलगम में खून आना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लंबे समय तक खांसी या टीबी से संबंधित लक्षण होने पर समय पर जांच करवाने और बीमारी की पुष्टि होने पर निर्धारित उपचार पूरा करने का आग्रह किया। साथ ही परिवार के सदस्यों और संपर्क में आने वाले लोगों को भी आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करने को कहा।
इस मौके पर जिला टीबी अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह, बीएमओ सांगला डॉ. वेंकट, बीएमओ निचार डॉ. यशोदा, बीएमओ पूह डॉ. विनोद और आईएमए अध्यक्ष डॉ. तेनजिन सहित अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
उपायुक्त कार्यालय रिकांगपिओ में सोमवार को जिला स्तरीय टीबी मृत्यु की त्रैमासिक ऑडिट समीक्षा बैठक हुई। सहायक आयुक्त उपायुक्त विपिन कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जून 2026 तक जिले में टीबी से हुई मौत के मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अभी तक जिले में टीबी से संबंधित एक व्यक्ति की मृत्यु का मामला सामने आया है। सहायक आयुक्त ने खंड चिकित्सा अधिकारियों को टीबी मरीजों की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड स्तर पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों के उपचार की नियमित निगरानी करने और चिकित्सकों की ओर से निर्धारित दवा की सही खुराक, निर्धारित अवधि तक सेवन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और फॉलोअप में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उपचार के दौरान मरीजों को आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान करने और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में टीबी के मामलों की समय पर पहचान, जांच और उपचार के साथ मरीजों की नियमित निगरानी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपचार की निरंतरता बनाए रखने को जरूरी बताया। बैठक में टीबी के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया गया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम लगना, कमजोरी और कुछ मामलों में बलगम में खून आना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लंबे समय तक खांसी या टीबी से संबंधित लक्षण होने पर समय पर जांच करवाने और बीमारी की पुष्टि होने पर निर्धारित उपचार पूरा करने का आग्रह किया। साथ ही परिवार के सदस्यों और संपर्क में आने वाले लोगों को भी आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करने को कहा।
इस मौके पर जिला टीबी अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह, बीएमओ सांगला डॉ. वेंकट, बीएमओ निचार डॉ. यशोदा, बीएमओ पूह डॉ. विनोद और आईएमए अध्यक्ष डॉ. तेनजिन सहित अन्य मौजूद रहे।
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