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Rampur Bushahar News: गैर इरादतन हत्या के मामले में चालक को दो साल का कठोर कारावास
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. लवी मेले के दौरान हुए हादसे का 12 साल बाद आया फैसला
. पिकअप की टक्कर से युवक की हुई थी मौत, दो को आई थीं चोटें
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी चालक को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह हादसा वर्ष 2013 को लवी मेले के दौरान हुआ था। अब करीब 12 साल बाद फैसला आया है। इस हादसे में पिकअप गाड़ी की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दो व्यक्तियों को चोटें आईं थीं। 13 नवंबर 2013 को कॉलेज के छात्र योगिंद्र सिंह और अजय नेगी लवी मेले में गए थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों पैदल अपने कमरे की ओर लौट रहे थे। पाटबंगला के पास पहुंचे तो एक पिकअप गाड़ी रामपुर की तरफ से तेज रफ्तार में आई और अजय नेगी को टक्कर मार दी। अजय सड़क पर गिर गया और उसे चोटें आईं। गाड़ी के चालक ने अपनी पिकअप को रिवर्स किया और एक बाइक सहित कार को टक्कर मार दी। बाइक और कार में बैठे दो लोगों को भी चोटें आईं। इसके बाद, पिकअप का चालक मौके से भाग गया। अजय नेगी की उपचार के दौरान मौत हो गई। रामपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच पूरी की। आरोपी चालक धर्म जीत निवासी रामपुर के खिलाफ चालान तैयार किया गया और अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने कुल 12 गवाह अदालत में पेश किए। अदालत ने मामले में फैसला दिया है कि गवाहों के बयानों से यह साबित हो गया है कि पिकअप गाड़ी दुर्घटना में शामिल थी। दुर्घटना में अजय कुमार की मौत हो गई। अरुण मेहता और हार्दिक को भी मामूली चोटें आईं। अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया है कि दुर्घटना के समय आरोपी गाड़ी चला रहा था और दुर्घटना करने के बाद घायल व्यक्तियों को कोई मेडिकल सहायता दिए बिना वह मौके से भाग गया। आरोपी को दोषी ठहराया जाता है। दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा-279 के तहत छह महीने के कठोर कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। धारा-337 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए छह महीने के कठोर कारावास और 500 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। भारतीय दंड संहिता की धारा-304ए के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए दो साल के कठोर कारावास और 5,000 का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। कारावास की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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. पिकअप की टक्कर से युवक की हुई थी मौत, दो को आई थीं चोटें
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी चालक को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह हादसा वर्ष 2013 को लवी मेले के दौरान हुआ था। अब करीब 12 साल बाद फैसला आया है। इस हादसे में पिकअप गाड़ी की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दो व्यक्तियों को चोटें आईं थीं। 13 नवंबर 2013 को कॉलेज के छात्र योगिंद्र सिंह और अजय नेगी लवी मेले में गए थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों पैदल अपने कमरे की ओर लौट रहे थे। पाटबंगला के पास पहुंचे तो एक पिकअप गाड़ी रामपुर की तरफ से तेज रफ्तार में आई और अजय नेगी को टक्कर मार दी। अजय सड़क पर गिर गया और उसे चोटें आईं। गाड़ी के चालक ने अपनी पिकअप को रिवर्स किया और एक बाइक सहित कार को टक्कर मार दी। बाइक और कार में बैठे दो लोगों को भी चोटें आईं। इसके बाद, पिकअप का चालक मौके से भाग गया। अजय नेगी की उपचार के दौरान मौत हो गई। रामपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच पूरी की। आरोपी चालक धर्म जीत निवासी रामपुर के खिलाफ चालान तैयार किया गया और अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने कुल 12 गवाह अदालत में पेश किए। अदालत ने मामले में फैसला दिया है कि गवाहों के बयानों से यह साबित हो गया है कि पिकअप गाड़ी दुर्घटना में शामिल थी। दुर्घटना में अजय कुमार की मौत हो गई। अरुण मेहता और हार्दिक को भी मामूली चोटें आईं। अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया है कि दुर्घटना के समय आरोपी गाड़ी चला रहा था और दुर्घटना करने के बाद घायल व्यक्तियों को कोई मेडिकल सहायता दिए बिना वह मौके से भाग गया। आरोपी को दोषी ठहराया जाता है। दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा-279 के तहत छह महीने के कठोर कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। धारा-337 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए छह महीने के कठोर कारावास और 500 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। भारतीय दंड संहिता की धारा-304ए के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए दो साल के कठोर कारावास और 5,000 का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। कारावास की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।