{"_id":"5d6a91c68ebc3e015369db64","slug":"doctor-rampur-hp-news-sml305842994","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी निचार में ड्यूटी में कोताही बरत रहे डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी निचार में ड्यूटी में कोताही बरत रहे डॉक्टर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भावानगर (किन्नौर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचार में तीन डॉक्टरों की नियुक्ति के बावजूद मौके पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। वहीं जिला स्तरीय अंडर-19 गर्ल्स टूर्नामेंट भी निचार में ही आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में उक्त टूर्नामेंट की मेडिकल कवरेज के लिए निदेशालय से भी निर्देश जारी किए गए हैं। सूचना मिलने पर भावानगर अस्पताल से मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर को भेजना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब चार बजे निचार की एक गर्भवती महिला को अस्पताल लाया गया। आपातकालीन ड्यूटी में तैनात डॉक्टर द्वारा उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन केस गंभीर होने के कारण महिला अचेत हो रही थी, जिसके कारण उसे रामपुर रेफर किया गया। निचार अस्पताल मार्ग में ट्रक खराब होने के कारण मरीज को निजी वाहन में रामपुर भेजा गया। मरीज की गंभीर हालत के चलते ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी मरीज के साथ रवाना हो गए। ऐसे में अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर छुट्टी पर था। दूसरे डॉक्टर के मरीज के साथ जाने के बाद तीसरा डॉक्टर भी अस्पताल में नहीं था। सुबह जब लोग स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल आए तो वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
स्थानीय लोगों के अनुसार डॉक्टर समय पर ओपीडी में नहीं आते हैं, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि अस्पताल में बायोमिट्रिक हाजिरी मशीन भी स्थापित की गई है, लेकिन उक्त मशीन कार्य करती भी है या नहीं, यह जानकारी नहीं है। वहीं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ब्रह्मजीत के अनुसार उन्हें इस मामले की सूचना मिली थी, जिस पर भावानगर अस्पताल से डॉ. को निचार भेज दिया गया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस पूरे घटनाक्रम की सूचना दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब चार बजे निचार की एक गर्भवती महिला को अस्पताल लाया गया। आपातकालीन ड्यूटी में तैनात डॉक्टर द्वारा उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन केस गंभीर होने के कारण महिला अचेत हो रही थी, जिसके कारण उसे रामपुर रेफर किया गया। निचार अस्पताल मार्ग में ट्रक खराब होने के कारण मरीज को निजी वाहन में रामपुर भेजा गया। मरीज की गंभीर हालत के चलते ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी मरीज के साथ रवाना हो गए। ऐसे में अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर छुट्टी पर था। दूसरे डॉक्टर के मरीज के साथ जाने के बाद तीसरा डॉक्टर भी अस्पताल में नहीं था। सुबह जब लोग स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल आए तो वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों के अनुसार डॉक्टर समय पर ओपीडी में नहीं आते हैं, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि अस्पताल में बायोमिट्रिक हाजिरी मशीन भी स्थापित की गई है, लेकिन उक्त मशीन कार्य करती भी है या नहीं, यह जानकारी नहीं है। वहीं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ब्रह्मजीत के अनुसार उन्हें इस मामले की सूचना मिली थी, जिस पर भावानगर अस्पताल से डॉ. को निचार भेज दिया गया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस पूरे घटनाक्रम की सूचना दे दी गई है।
विज्ञापन