{"_id":"63a9d5e481a08555932400d9","slug":"demonstration-against-mc-rampur-and-contractor-rampur-hp-news-sml4320503118","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: रामपुर में नगर परिषद और ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: रामपुर में नगर परिषद और ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन
विज्ञापन
मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते नगर परिषद ठेका मजदूर यूनियन के सदस्य।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर में ठेेकेदार के अधीन कार्य कर रहे मजदूरों ने गैर-कानूनी तरीके से काम से हटाने पर विरोध जताया है। सीटू से संबद्ध नगर परिषद ठेका मजदूर यूनियन ने सोमवार को नगर परिषद और ठेकेदार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने चेताया है कि जब तक विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक शहर में सफाई कार्य बंद किया जाएगा।
नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन ने नगर परिषद क्षेत्र में कार्य कर रहे मजदूरों को गैर-कानूनी तरीके से निकालने के विरोध में वीरवार को परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि रामपुर नगर परिषद प्रबंधन और ठेकेदार की मिलीभगत से कूड़ा उठाने और सफाई का काम कर रहे मजदूरों को बिना किसी नोटिस के गैरकानूनी तरीके से निकाला जा रहा है।
मजदूरों को निकालने के लिए किसी भी श्रम कानून को लागू नहीं किया गया है। जब नगर परिषद ने मार्च में टेंडर को रिवाइज्ड किया और नगर परिषद में कूड़ा उठाने के लिए मजदूरों की संख्या कम थी, तो ठेकेदार के माध्यम से मजदूरों को बुलाया था। मगर अब बीच में मजदूरों को बिना किसी कारण निकालना न्यायसंगत नहीं है। इससे नगर परिषद का मजदूर विरोधी चेहरा सामने आता है। एक तरफ प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, दूसरी तरफ रोजगार पर लगे मजदूरों को नौकरी से गैरकानूनी तरीके से निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
ठेका मजदूरों पर किसी भी श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है और न ही मजदूरों की सुरक्षा का कोई ख्याल रखा जा रहा है। श्रम अधिकारी द्वारा सत्यापित कोई आई कार्ड, वेतन स्लिप, रविवार की छुट्टी के अलावा अन्य कोई छुट्टी तक नहीं दी जा रही है। ठेकेदार और नप प्रबंधन द्वारा 2018 से 2022 तक के ईपीएफ का कोई रिकॉर्ड तक मजदूरों को नहीं दिया गया है।
यूनियन ने मांग की यदि किसी भी मजदूर को बिना किसी कारण नौकरी से निकाला गया तो यूनियन आंदोलन को तेज करेगी और समूचे नप क्षेत्र में कचरा उठाने का कार्य बंद कर दिया जाएगा। इस मौके पर अनूप, मोती राम, राजू राणा, नीलम, मनिता, तारामणि, रजनी, किरण, सुशीला, सोमारी, सीता, उस्तानी, रजनी, बीरमानिया, सोनिया, चिंता सहित अन्य मजदूर मौजूद रहे।
विज्ञापन
नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन ने नगर परिषद क्षेत्र में कार्य कर रहे मजदूरों को गैर-कानूनी तरीके से निकालने के विरोध में वीरवार को परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि रामपुर नगर परिषद प्रबंधन और ठेकेदार की मिलीभगत से कूड़ा उठाने और सफाई का काम कर रहे मजदूरों को बिना किसी नोटिस के गैरकानूनी तरीके से निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
मजदूरों को निकालने के लिए किसी भी श्रम कानून को लागू नहीं किया गया है। जब नगर परिषद ने मार्च में टेंडर को रिवाइज्ड किया और नगर परिषद में कूड़ा उठाने के लिए मजदूरों की संख्या कम थी, तो ठेकेदार के माध्यम से मजदूरों को बुलाया था। मगर अब बीच में मजदूरों को बिना किसी कारण निकालना न्यायसंगत नहीं है। इससे नगर परिषद का मजदूर विरोधी चेहरा सामने आता है। एक तरफ प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, दूसरी तरफ रोजगार पर लगे मजदूरों को नौकरी से गैरकानूनी तरीके से निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
ठेका मजदूरों पर किसी भी श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है और न ही मजदूरों की सुरक्षा का कोई ख्याल रखा जा रहा है। श्रम अधिकारी द्वारा सत्यापित कोई आई कार्ड, वेतन स्लिप, रविवार की छुट्टी के अलावा अन्य कोई छुट्टी तक नहीं दी जा रही है। ठेकेदार और नप प्रबंधन द्वारा 2018 से 2022 तक के ईपीएफ का कोई रिकॉर्ड तक मजदूरों को नहीं दिया गया है।
यूनियन ने मांग की यदि किसी भी मजदूर को बिना किसी कारण नौकरी से निकाला गया तो यूनियन आंदोलन को तेज करेगी और समूचे नप क्षेत्र में कचरा उठाने का कार्य बंद कर दिया जाएगा। इस मौके पर अनूप, मोती राम, राजू राणा, नीलम, मनिता, तारामणि, रजनी, किरण, सुशीला, सोमारी, सीता, उस्तानी, रजनी, बीरमानिया, सोनिया, चिंता सहित अन्य मजदूर मौजूद रहे।