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बिश्लाधार में नहीं थमा डायरिया, बच्चों के बाद अब वयस्क भी चपेट में आए
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आनी अस्पताल में उपचाराधीन मरीज
- फोटो : RAMPUR-HP
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आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल की बिश्लाधार पंचायत डायरिया का प्रकोप अभी नहीं थमा है। बुधवार को पांच नए मामले सामने आए हैं। बच्चों के बाद अब वयस्क भी इसकी चपेट में हैं। एक बच्चे समेत पांच लोग डायरिया से पीड़ित बताए जा रहे हैं। पीएचसी बिगड़ में ये मामले सामने आए हैं। आनी अस्पताल में पहले से ही पांच मरीज दाखिल हैं। इनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
इधर, आईपीएच विभाग दावा कर रहा है कि पानी के पानी में कोई गड़बड़ी नहीं है। जांच के बाद पानी पीने योग्य निकला है। ऐसे में बीमारी कैसे फैली, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पंचायत के डिगेढ़ और विशल सहित दूसरे गांवों में मंगलवार को डायरिया के कई मामले सामने आए थे। इससे आठ साल की एक बच्ची की मौत भी हो गई थी। इधर, बीएमओ आनी डॉ. ज्ञान ठाकुर ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बुधवार को अस्पताल में एक मामला सामने आया, जबकि अस्पताल में पांच मरीज पहले से ही दाखिल हुए हैं। उनकी हालत में अब काफी सुधार है। क्षेत्र की बिगड़ पीएचसी में तैनात डॉ. वरुण के अनुसार बुधवार को चार वयस्क और एक बच्चे को डायरिया होने का मामला आया है। उन्होंने स्थानीय तीनों स्कूलों का मुआयना कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्करों के साथ ओआरएस का घोल और जरूरी दवाइयां बांटी।
हरकत में आया स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग
डायरिया फैलने के बाद स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग हरकत में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग डायरिया के लक्षणों की जांच कर रहा है, वहीं आईपीएच विभाग भी क्षेत्र के पेयजल स्रोतों की जांच पूरी कर चुका है। प्रारंभिक जांच में पेयजल सही पाया जा रहा है।
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अधिशासी अभियंता आईपीएच राजकुमार कौंडल ने बताया कि डायरिया की सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पेयजल के स्रोत सहित टैंकों की साफ-सफाई दुरुस्त पाई गई। उसमें ब्लीचिंग पाउडर भी सही मात्रा में पाया गया। पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी है। पेयजल भंडारण टैंकों और स्रोतों का निरीक्षण कर पानी की टेस्ट किट से जांच की गई। इसमें पानी पीने योग्य पाया गया है।
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इधर, आईपीएच विभाग दावा कर रहा है कि पानी के पानी में कोई गड़बड़ी नहीं है। जांच के बाद पानी पीने योग्य निकला है। ऐसे में बीमारी कैसे फैली, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पंचायत के डिगेढ़ और विशल सहित दूसरे गांवों में मंगलवार को डायरिया के कई मामले सामने आए थे। इससे आठ साल की एक बच्ची की मौत भी हो गई थी। इधर, बीएमओ आनी डॉ. ज्ञान ठाकुर ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बुधवार को अस्पताल में एक मामला सामने आया, जबकि अस्पताल में पांच मरीज पहले से ही दाखिल हुए हैं। उनकी हालत में अब काफी सुधार है। क्षेत्र की बिगड़ पीएचसी में तैनात डॉ. वरुण के अनुसार बुधवार को चार वयस्क और एक बच्चे को डायरिया होने का मामला आया है। उन्होंने स्थानीय तीनों स्कूलों का मुआयना कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्करों के साथ ओआरएस का घोल और जरूरी दवाइयां बांटी।
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हरकत में आया स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग
डायरिया फैलने के बाद स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग हरकत में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग डायरिया के लक्षणों की जांच कर रहा है, वहीं आईपीएच विभाग भी क्षेत्र के पेयजल स्रोतों की जांच पूरी कर चुका है। प्रारंभिक जांच में पेयजल सही पाया जा रहा है।
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अधिशासी अभियंता आईपीएच राजकुमार कौंडल ने बताया कि डायरिया की सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पेयजल के स्रोत सहित टैंकों की साफ-सफाई दुरुस्त पाई गई। उसमें ब्लीचिंग पाउडर भी सही मात्रा में पाया गया। पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी है। पेयजल भंडारण टैंकों और स्रोतों का निरीक्षण कर पानी की टेस्ट किट से जांच की गई। इसमें पानी पीने योग्य पाया गया है।

आनी अस्पताल में उपचाराधीन मरीज- फोटो : RAMPUR-HP