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कोरोना महामारी के चलते नहीं मनाया पारंपरिक बिशु मेला
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रोहड़ू। बिशु मेला कोराना वायरस के कारण इस वर्ष नहीं मनाया गया। बिशु मेले में लोग अपने-अपने आराध्य देवता के मंदिरों में एकत्र होकर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर दिनभर नृत्य करते थे। कई मंदिरों में धाम का आयोजन भी किया जाता था। प्रशासन की ओर से सामूहिक आयोजनों पर रोक है। इसका पालन करते हुए क्षेत्र के मंदिरों में मेलों का आयोजन नहीं किया गया। मंदिर कमेटियों ने भी लोगों को मेले के दौरान मंदिर परिसर में एकत्र न होने के निर्देश दिए थे।
बिशु मेला हर वर्ष बैसाखी पर दो दिनों तक आयोजित होता है। ग्रामीण अपने-अपने आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। दिनभर नृत्य का दौर चलता है। उपमंडल के अधिकांश गांवों में मेले का आयोजन किया जाता है। सदियों से मेला पारंपरिक रूप से मनाया जाता है। ऐसा पहली बार हुआ है जब बिशु मेले का आयोजन नहीं किया गया। प्रशासन ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को मेले का आयोजन न करने का आग्रह किया था। इस पर सभी लोगों ने अमल किया।
शिव शक्ति मंदिर रोहड़ू के संस्थापक पंडित जोगिंद्रपाल ज्योति ने बताया कि बिशु मेला क्षेत्र में पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब मेला नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संकट के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। एसडीएम रोहड़ूू बीआर शर्मा ने बताया कि बिशु मेले का आयोजन इस बार कोरोना वायरस के चलते पैदा हुए संकट के कारण नहीं हुआ। लोगों के सामूहिक रूप से एकत्र होने पर रोक है। लोगों का भी प्रशासन को सहयोग मिला है।
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बिशु मेला हर वर्ष बैसाखी पर दो दिनों तक आयोजित होता है। ग्रामीण अपने-अपने आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। दिनभर नृत्य का दौर चलता है। उपमंडल के अधिकांश गांवों में मेले का आयोजन किया जाता है। सदियों से मेला पारंपरिक रूप से मनाया जाता है। ऐसा पहली बार हुआ है जब बिशु मेले का आयोजन नहीं किया गया। प्रशासन ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को मेले का आयोजन न करने का आग्रह किया था। इस पर सभी लोगों ने अमल किया।
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शिव शक्ति मंदिर रोहड़ू के संस्थापक पंडित जोगिंद्रपाल ज्योति ने बताया कि बिशु मेला क्षेत्र में पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब मेला नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संकट के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। एसडीएम रोहड़ूू बीआर शर्मा ने बताया कि बिशु मेले का आयोजन इस बार कोरोना वायरस के चलते पैदा हुए संकट के कारण नहीं हुआ। लोगों के सामूहिक रूप से एकत्र होने पर रोक है। लोगों का भी प्रशासन को सहयोग मिला है।
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