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नाबालिग से दुराचार के दोषी को दस साल कठोर कैद

Wed, 20 Dec 2017 06:16 PM IST
Updated Wed, 20 Dec 2017 06:16 PM IST
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नाबालिग से दुराचार के दोषी को दस साल कठोर कैद
- फोटो : file photo
रामपुर बुशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने नाबालिग के साथ दुराचार मामले के दोषी को दस साल का कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर ने मंगलवार को यह सजा सुनाई है।
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शिमला जिले के रामपुर तहसील निवासी और राज्य विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ कार्यालय में तैनात नाबालिग के पिता ने रिकांगपिओ पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें कहा गया कि उसकी बेटी अपने सहपाठियों के साथ गत दो अगस्त 2014 को रिकांगपिओ बचत भवन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गई थी। उसकी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ रही थी। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद लड़की वापस नहीं लौटी और छानबीन करने के बाद पता चला कि स्कूल बस के चालक चालक दीनू चंद ने उसका अपहरण कर कई बार उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद चालक ने उसे शादी करने का झांसा भी दिया। पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। इसके बाद गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर चालक दीनू चंद को दोषी ठहराया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत दोषी को तीन साल का साधारण कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। भादंसं की धारा 366 के तहत चार साल की साधारण कैद और सात हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त कैद होगी। दोषी के खिलाफ भादंसं की धारा 376(2) के तहत दस साल का कठोर कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा की गई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। जुर्माना अदा न करने पर एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। इस मामले में जिला न्यायवादी किन्नौर सुरेश हेटा ने पैरवी की।
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