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संक्रमण से निपटने को पुख्ता बंदोबस्त करे सरकार : उच्च न्यायालय
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रामपुर बुशहर। प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय ने गहरी चिंता सताई है। प्रदेश सरकार को संक्रमण से निपटने के पुख्ता बंदोबस्त करने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय शिमला के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने सरकार को प्रदेश भर के अस्पतालों में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए अतिरिक्त स्टाफ और मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं। इसी के तहत रामपुर के महात्मा गांधी और रोहडू अस्पताल में कोरोना संक्रमण से जूझ रहे लोगों के उपचार के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती करने के कोर्ट ने फरमान सुनाए हैं।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने आईजीएमसी शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में बने बड़े अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा मजबूत करने को कहा है। प्रदेश के जिला शिमला में संक्रमण के मामलों की दर सबसे अधिक 183.1 प्रतिशत है, जहां बीते 29 नवंबर तक कोरोना संक्रमण के 7073 मामले पेश आ चुके हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर जिला लाहौल स्पीति है, जहां 1075 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसी कड़ी में कोर्ट ने रामपुर स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर में भी कोरोना संक्रमण के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। अस्पताल के एमएस को आदेश जारी किए गए हैं कि 31 मार्च 2021 से पहले अस्पताल में कोरोना संक्रमण के मरीजों के उपचार के लिए 10 स्टाफ नर्स, 5 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की जाए। अस्पताल प्रबंधन को ऑउटसोर्स के जरिये अधिकृत सेवा प्रदान करने वाले संस्थानों से यह स्टाफ उपलब्ध करवाना होगा। वहीं, नागरिक अस्पताल रोहडू में भी रामपुर की तर्ज पर स्टाफ तैनात करने के कोर्ट ने फरमान जारी किए हैं। बीते दिनों प्रदेश सरकार ने इन दोनों अस्पतालों में कोविड वार्ड बनाने का निर्णय लिया है, जिसे देखते हुए प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार को व्यवस्था बनाने के आदेश दिए हैं।
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गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने आईजीएमसी शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में बने बड़े अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा मजबूत करने को कहा है। प्रदेश के जिला शिमला में संक्रमण के मामलों की दर सबसे अधिक 183.1 प्रतिशत है, जहां बीते 29 नवंबर तक कोरोना संक्रमण के 7073 मामले पेश आ चुके हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर जिला लाहौल स्पीति है, जहां 1075 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसी कड़ी में कोर्ट ने रामपुर स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर में भी कोरोना संक्रमण के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। अस्पताल के एमएस को आदेश जारी किए गए हैं कि 31 मार्च 2021 से पहले अस्पताल में कोरोना संक्रमण के मरीजों के उपचार के लिए 10 स्टाफ नर्स, 5 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की जाए। अस्पताल प्रबंधन को ऑउटसोर्स के जरिये अधिकृत सेवा प्रदान करने वाले संस्थानों से यह स्टाफ उपलब्ध करवाना होगा। वहीं, नागरिक अस्पताल रोहडू में भी रामपुर की तर्ज पर स्टाफ तैनात करने के कोर्ट ने फरमान जारी किए हैं। बीते दिनों प्रदेश सरकार ने इन दोनों अस्पतालों में कोविड वार्ड बनाने का निर्णय लिया है, जिसे देखते हुए प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार को व्यवस्था बनाने के आदेश दिए हैं।
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