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Rampur Bushahar News: ढाई साल डंगे से आगे नहीं बढ़ा पीएचसी कुंगश का निर्माण कार्य
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आनी के कुंगश में ढाई वर्ष से अधर में पीएचसी का निर्माण कार्य। संवाद
ढाई साल बाद भवन के लिए फिर भेजा रिवाइज्ड एस्टीमेट
रिवाइज्ड एस्टीमेट में बढ़ी 75 लाख की लागत
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंगश का निर्माण कार्य ढाई साल से केवल फाउंडेशन तक ही सीमित रह गया है, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुंगश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है और मौजूदा हालात यह है कि यहां के चिकित्सक और स्टाफ भी एक छोटे से किराये के कमरे में कार्य करने को मजबूर हैं। बजट समय पर उपलब्ध न होने के चलते इस भवन का रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा गया है, जिसकी लागत अब पहले एस्टीमेट एक करोड़, 26 लाख से बढ़कर दो करोड़ हो गई है। पीएचसी कुंगश का भवन बनना क्षेत्र के लिए बेहद आवश्यक है, क्योंकि यह केंद्र दर्जन भर पंचायतों की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इन पंचायतों में कराणा, कुंगश, बिनन, मुंडदल, रोपा, पोखरी समेत कई अन्य गांव शामिल हैं, जहां रोजाना 60-70 ओपीडी के मरीज आते हैं। इसके अलावा, ब्लड सैंपल जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी यहीं ली जाती हैं। वर्तमान में यह सभी कार्य एक सामुदायिक भवन के केवल एक छोटे से कमरे में हो रहे हैं, जो न केवल चिकित्सकों बल्कि मरीजों के लिए भी असुविधाजनक है। विभाग की तरफ से बजट समय पर न मिल पाने के कारण भवन निर्माण कार्य में देरी हो रही है। इस देरी के कारण अब तक इस भवन की लागत में 75 लाख रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे निर्माण कार्य में और अधिक समय लगने की संभावना है। अब एक नए रिवाइज्ड एस्टीमेट के तहत यह भवन एक करोड़ 26 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये के बजट से स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
जल्द नया भवन मिलना चाहिए
वहीं, कुंगश पंचायत के प्रधान राकेश कुमार और संतोष कुमार का कहना है कि पीएचसी कुंगश को जल्द से जल्द नया भवन मिलना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर बजट स्वीकृत करने की मांग की है।
भवन निर्माण के लिए पिछले दिन ही रिवाइज्ड एस्टीमेट विभाग को भेजा गया है। ठेकेदार को निर्माण कार्य जारी रखने को कहा गया है। -डॉ. भागवत मेहता बीएमओ आनी
- संवाद
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रिवाइज्ड एस्टीमेट में बढ़ी 75 लाख की लागत
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंगश का निर्माण कार्य ढाई साल से केवल फाउंडेशन तक ही सीमित रह गया है, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुंगश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है और मौजूदा हालात यह है कि यहां के चिकित्सक और स्टाफ भी एक छोटे से किराये के कमरे में कार्य करने को मजबूर हैं। बजट समय पर उपलब्ध न होने के चलते इस भवन का रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा गया है, जिसकी लागत अब पहले एस्टीमेट एक करोड़, 26 लाख से बढ़कर दो करोड़ हो गई है। पीएचसी कुंगश का भवन बनना क्षेत्र के लिए बेहद आवश्यक है, क्योंकि यह केंद्र दर्जन भर पंचायतों की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इन पंचायतों में कराणा, कुंगश, बिनन, मुंडदल, रोपा, पोखरी समेत कई अन्य गांव शामिल हैं, जहां रोजाना 60-70 ओपीडी के मरीज आते हैं। इसके अलावा, ब्लड सैंपल जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी यहीं ली जाती हैं। वर्तमान में यह सभी कार्य एक सामुदायिक भवन के केवल एक छोटे से कमरे में हो रहे हैं, जो न केवल चिकित्सकों बल्कि मरीजों के लिए भी असुविधाजनक है। विभाग की तरफ से बजट समय पर न मिल पाने के कारण भवन निर्माण कार्य में देरी हो रही है। इस देरी के कारण अब तक इस भवन की लागत में 75 लाख रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे निर्माण कार्य में और अधिक समय लगने की संभावना है। अब एक नए रिवाइज्ड एस्टीमेट के तहत यह भवन एक करोड़ 26 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये के बजट से स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
जल्द नया भवन मिलना चाहिए
वहीं, कुंगश पंचायत के प्रधान राकेश कुमार और संतोष कुमार का कहना है कि पीएचसी कुंगश को जल्द से जल्द नया भवन मिलना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर बजट स्वीकृत करने की मांग की है।
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भवन निर्माण के लिए पिछले दिन ही रिवाइज्ड एस्टीमेट विभाग को भेजा गया है। ठेकेदार को निर्माण कार्य जारी रखने को कहा गया है। -डॉ. भागवत मेहता बीएमओ आनी
- संवाद