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स्कूल, कॉलेजों में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों के खुलें पुस्तकालय
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रामपुर बुशहर। प्रदेश के हर स्कूल और कॉलेज में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय होना चाहिए। जिससे विशेष विद्यार्थियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। रामपुर कॉलेज में प्रदेश विकलांगता सलाहकार बोर्ड के सदस्य प्रो. अजय श्रीवास्तव ने यह बात कही। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश विवि में उत्तर भारत के पहले सुगम पुस्तकालय की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में भी इस तरह के पुस्तकालय स्थापित किए जाने चाहिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थी को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए यह बहुत जरूरी है। श्रीवास्तव ने इस दौरान दिव्यांग विद्यार्थियों के अधिकार और शिक्षण संस्थानों की भूमिका विषय पर विशेष व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की मदद से दृष्टि बाधित और अन्य दिव्यांग विद्यार्थी आसानी से अपनी पढ़ाई कर सकते हैं। शिक्षण संस्थान का दायित्व है कि वह सभी तरह के बच्चों के साथ बराबरी का व्यवहार करें। आम छात्रों के लिए संस्थानों में पुस्तकालय होते हैं। ऐसे में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर टॉकिंग सॉफ्टवेयर से सुसज्जित सुगम्य पुस्तकालय जल्द से जल्द स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि विकलांग विद्यार्थियों को मुक्त शिक्षा का अधिकार और ऊंची दरों पर छात्रवृत्ति की व्यवस्था हाईकोर्ट में उनकी जनहित याचिका का नतीजा है। उन्होंने कहा कि विकलांग जन अधिकार अधिनियम 2016 में दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में 5 आरक्षण और उसके बाद नौकरियों में 4 आरक्षण का प्रावधान है प्रदेश सरकार ने इसे लागू भी कर दिया है। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केसी कश्यप के अलावा कॉलेज में पढ़ रहीं चार दृष्टिबाधित छात्राएं चंद्रमणि, आशा, विद्या और सूमा भी मौजूद रहीं।
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उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की मदद से दृष्टि बाधित और अन्य दिव्यांग विद्यार्थी आसानी से अपनी पढ़ाई कर सकते हैं। शिक्षण संस्थान का दायित्व है कि वह सभी तरह के बच्चों के साथ बराबरी का व्यवहार करें। आम छात्रों के लिए संस्थानों में पुस्तकालय होते हैं। ऐसे में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर टॉकिंग सॉफ्टवेयर से सुसज्जित सुगम्य पुस्तकालय जल्द से जल्द स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि विकलांग विद्यार्थियों को मुक्त शिक्षा का अधिकार और ऊंची दरों पर छात्रवृत्ति की व्यवस्था हाईकोर्ट में उनकी जनहित याचिका का नतीजा है। उन्होंने कहा कि विकलांग जन अधिकार अधिनियम 2016 में दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में 5 आरक्षण और उसके बाद नौकरियों में 4 आरक्षण का प्रावधान है प्रदेश सरकार ने इसे लागू भी कर दिया है। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केसी कश्यप के अलावा कॉलेज में पढ़ रहीं चार दृष्टिबाधित छात्राएं चंद्रमणि, आशा, विद्या और सूमा भी मौजूद रहीं।
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