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आरडीजी बंद करना प्रदेश के साथ बड़ा धोखा : नेगी

Fri, 13 Feb 2026 11:54 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 11:54 PM IST
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। आम आदमी पार्टी के किन्नौर जिलाध्यक्ष मनीष कुमार नेगी ने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान को बंद करने के निर्णय पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। प्रेस को जारी बयान में जिलाध्यक्ष ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की ओर से प्रदेश का लगभग 6000 करोड़ रुपये का सालाना अनुदान रोकना हिमाचल की 75 लाख जनता के साथ अन्याय और विश्वासघात है। मनीष नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार की घेराबंदी से हिमाचल प्रदेश पहले से ही 1,10,000 करोड़ रुपये के भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। पिछले तीन साल में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 15000 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति पहुंचाई है। ऐसे संकट की स्थिति में मदद करने के बजाय केंद्र ने प्रदेश का हक छीनकर हिमाचल को आर्थिक आपातकाल की ओर धकेल दिया है। नेगी ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान कोई दान नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद-275(1) के तहत हिमाचल का वैधानिक अधिकार है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्त आयोग तक यह अनुदान निरंतर मिलता रहा है। यह अनुदान प्रदेश की कुल अर्थव्यवस्था का 13 प्रतिशत हिस्सा है। मनीष कुमार नेगी ने चेतावनी दी है कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश का वैधानिक अधिकार आरडीजी तुरंत बहाल करे। इस अन्याय के खिलाफ जनता की आवाज बनकर सड़कों से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
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