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जनजातीय जिले में तीन चरणों में होगा मतदान
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सांगला (किन्नौर)। जिले में पंचायतीराज चुनाव को लेकर कल्पा, पूह और निचार खंड की 50 पंचायतों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रधान, उपप्रधान, समिति और जिला परिषद पद के उम्मीदवारों का चयन होते ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल काफी सक्रियता से अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए जुट गए हैं।
जिले में हाल ही में बर्फबारी हुई है, लेकिन चुनाव की सरगर्मियों से सियासत गरमा गई है। जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों और गली-मोहल्लों में पंचायतीराज चुनाव के समीकरण बनाते नजर आ रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस भी इन चुनावों को अपनी भविष्य की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। इन्हीं चुनाव के जरिये वर्ष 2022 के लिए रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। मतदाताओं को रिझाने में हर उम्मीदवार एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इस बार जिले के 58854 मतदाता अपने मत का प्रयोग कर 50 पंचायतों के चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे। इनमें 29706 पुरुष, जबकि 29148 पुरुष मतदाता शामिल हैं। जिले की रोघी, छितकुल, रक्षम, यांगपा-1, यांगपा-2, मेबर, क्राबा, नाथपा, युला, सुमरा, शलखर, चांगो, नाको, हांगो, चूलिंग, लियो, डुबलिंग, ज्ञाबुंग, कानम, मूरंग, ठंगी, रिब्बा और आकपा 23 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनकर आई हैं। ग्रामीण बुद्धिजीवियों ने कोरोना संकटकाल को मद्देनजर रखते हुए कहीं देवी-देवताओं को तो कहीं लामाओं और आपसी तालमेल से स्वच्छ लोकतंत्र का परिचय दिया है। जिला पंचायत अधिकारी आईएस राणा ने कहा कि पंचायतीराज चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले की 23 पंचायतों ने अपनी सहमति से पंचायतों का चुनाव कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया है।
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जिले में हाल ही में बर्फबारी हुई है, लेकिन चुनाव की सरगर्मियों से सियासत गरमा गई है। जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों और गली-मोहल्लों में पंचायतीराज चुनाव के समीकरण बनाते नजर आ रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस भी इन चुनावों को अपनी भविष्य की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। इन्हीं चुनाव के जरिये वर्ष 2022 के लिए रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। मतदाताओं को रिझाने में हर उम्मीदवार एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इस बार जिले के 58854 मतदाता अपने मत का प्रयोग कर 50 पंचायतों के चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे। इनमें 29706 पुरुष, जबकि 29148 पुरुष मतदाता शामिल हैं। जिले की रोघी, छितकुल, रक्षम, यांगपा-1, यांगपा-2, मेबर, क्राबा, नाथपा, युला, सुमरा, शलखर, चांगो, नाको, हांगो, चूलिंग, लियो, डुबलिंग, ज्ञाबुंग, कानम, मूरंग, ठंगी, रिब्बा और आकपा 23 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनकर आई हैं। ग्रामीण बुद्धिजीवियों ने कोरोना संकटकाल को मद्देनजर रखते हुए कहीं देवी-देवताओं को तो कहीं लामाओं और आपसी तालमेल से स्वच्छ लोकतंत्र का परिचय दिया है। जिला पंचायत अधिकारी आईएस राणा ने कहा कि पंचायतीराज चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले की 23 पंचायतों ने अपनी सहमति से पंचायतों का चुनाव कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया है।
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